
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को धार स्थित भोजशाला पहुंचेंगे। हाईकोर्ट के फैसले के बाद यह पहला मौका होगा जब मुख्यमंत्री यहां आकर मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना करेंगे। सीएम के दौरे को लेकर हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल है। मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। भोजशाला परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
हाईकोर्ट फैसले के बाद बढ़ा भोजशाला का महत्व
हाल ही में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के बाद भोजशाला फिर चर्चा में है। फैसले के बाद हिंदू संगठनों ने इसे सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से बड़ी जीत बताया था। अब मुख्यमंत्री मोहन यादव का यहां पहुंचना इस पूरे मुद्दे को और ज्यादा अहम बना रहा है। माना जा रहा है कि इस दौरे का राजनीतिक और धार्मिक दोनों स्तर पर बड़ा संदेश जाएगा।
मां वाग्देवी की करेंगे पूजा
सीएम मोहन यादव भोजशाला में मां वाग्देवी की विशेष पूजा करेंगे। इसके अलावा वह स्थानीय कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री देवी सागर तालाब का दौरा भी करेंगे और जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत आयोजित गंगा दशहरा कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। प्रशासन ने कार्यक्रमों को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं।
लंदन से मां वाग्देवी की प्रतिमा लाने की मांग
भाजपा नेत्री नीना विक्रम ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मां वाग्देवी की प्रतिमा को लंदन से वापस भारत लाया जाए। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज चाहता है कि प्रतिमा को फिर से स्थापित किया जाए ताकि श्रद्धालु नियमित रूप से पूजा कर सकें। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री ने उनका निमंत्रण स्वीकार कर भोजशाला आने का फैसला लिया, जिससे लोगों में खुशी है।
CM मोहन यादव पहले भी कर चुके हैं समर्थन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले भी भोजशाला और मां वाग्देवी से जुड़े मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रख चुके हैं। उन्होंने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा था कि यह भारतीय संस्कृति की बड़ी जीत है। सीएम ने यह भी कहा था कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण में भोजशाला की गरिमा और मजबूत होगी।
मां वाग्देवी की प्रतिमा को लेकर क्या बोले थे CM?
मुख्यमंत्री ने पहले कहा था कि ब्रिटेन के लंदन संग्रहालय में रखी मां वाग्देवी की प्रतिमा को भारत वापस लाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं और राज्य सरकार भी हरसंभव सहयोग करेगी। अब उनके भोजशाला दौरे के बाद इस मुद्दे पर नई राजनीतिक और धार्मिक चर्चा तेज होने की संभावना है।
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