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CM मोहन यादव आज दतिया दौरे पर: 62 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात

24 मार्च, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
CM मोहन यादव आज दतिया दौरे पर: 62 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज मंगलवार को दतिया जिले को विकास की बड़ी सौगात देने पहुंच रहे हैं। भांडेर के मंडी प्रांगण में आयोजित किसान सम्मेलन में वे 62 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण करेंगे — साथ ही किसानों की जेब सीधे भारी करने वाली योजनाओं का लाभ भी बांटेंगे।


भांडेर में जुटेंगे हजारों किसान, CM करेंगे सीधा संवाद

दतिया जिले के भांडेर स्थित मंडी प्रांगण में आयोजित इस किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री विभिन्न सरकारी विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। साथ ही जन-कल्याणकारी योजनाओं का हितलाभ सीधे लाभार्थियों को वितरित किया जाएगा।


इन बड़े प्रोजेक्ट्स का होगा लोकार्पण

सीएम मोहन यादव आज दतिया जिले में कई अहम परियोजनाओं को जनता को समर्पित करेंगे। जिन कार्यों का लोकार्पण होगा, उनमें प्रमुख हैं:

- पीजी कॉलेज दतिया में विज्ञान संकाय भवन और कैंटीन

- माता रतनगढ़ समग्र विकास योजना के तहत यात्री निवास भवन

- पुलिस लाइन परिसर में रक्षित निरीक्षक कार्यालय

- 33/11 केव्ही 5 एमवीए उप-केन्द्र और 3.15 एमवीए पॉवर ट्रांसफार्मर

- सांदीपनि शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, भांडेर

- ततारपुर स्टेडियम

- पण्डोखर धाम और रामगढ़ माता मंदिर के पास विश्राम गृह


इन कार्यों की रखी जाएगी नींव

विकास के नए अध्याय की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री आज इन कार्यों का भूमि-पूजन भी करेंगे:


- रतनगढ़ माता मंदिर के पास 33/11 केव्ही उप-केन्द्र स्थापना

- सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, भांडेर में 50 सीटर बालक छात्रावास

- 50 सीटर बालिका छात्रावास — बेटियों की पढ़ाई को मिलेगा नया घर


किसानों के लिए खुशखबरी: गेहूं पर 40 रुपए क्विंटल बोनस

राज्य सरकार ने गेहूं उत्पादक किसानों को 40 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस देने का फैसला किया है। इसके चलते सरकार अब 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर पर गेहूं की खरीदी कर रही है, जो किसानों के लिए सीधा फायदे का सौदा है।


सोयाबीन के बाद अब सरसों को भी मिलेगा भावांतर का लाभ

भावांतर भुगतान योजना, जो पहले सोयाबीन किसानों तक सीमित थी, अब उसमें सरसों की फसल को भी शामिल कर लिया गया है। यह उन किसानों के लिए बड़ी राहत है जो बाजार भाव गिरने पर नुकसान उठाते थे। इसके अलावा सरकार तुअर की शत-प्रतिशत खरीदी का भी भरोसा दे रही है, यानी एक भी किसान को अपनी उपज बेचने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

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