
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार शाम पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के आवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच करीब 30 मिनट तक बंद कमरे में बातचीत हुई, जिसके बाद उमा भारती ने इसे भाई-बहन की मुलाकात बताया।
इंदौर में राहुल गांधी के छात्रों के कार्यक्रम को लेकर बीजेपी-कांग्रेस के बीच चल रही राजनीतिक बयानबाजी के बीच हुई इस मुलाकात ने सियासी चर्चाओं को तेज कर दिया है। उमा भारती ने कहा कि मुख्यमंत्री उनसे आशीर्वाद लेने आए थे।
उमा भारती के आवास पर पहुंचे CM मोहन यादव
बीजेपी के राजनीतिक गलियारों में नेताओं की मुलाकातों का सिलसिला चल रहा है। इसी दौरान सोमवार शाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के बंगले पहुंचे।
दोनों के बीच लगभग आधे घंटे तक निजी बातचीत हुई। मुलाकात के बाद उमा भारती ने मीडिया से बात करते हुए इसकी वजह भी बताई।
'मैंने मिलने का समय मांगा था, लेकिन वे खुद आ गए'
उमा भारती के मुताबिक, उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने का समय मांगा था। लेकिन मुख्यमंत्री खुद उनके आवास पर पहुंच गए।
उन्होंने इस मुलाकात को राजनीतिक बैठक के बजाय पारिवारिक रिश्ते से जोड़ते हुए कहा कि यह भाई-बहन की मुलाकात थी।
CM को सलाह की जरूरत नहीं, सिर्फ आशीर्वाद चाहिए
मीडिया ने उमा भारती से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को कोई सलाह देने को लेकर सवाल किया। जवाब में उन्होंने मुख्यमंत्री की क्षमता और शिक्षा की तारीफ की।
उमा भारती ने कहा कि मोहन यादव बहुत पढ़े-लिखे और काबिल व्यक्ति हैं। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री को सलाह की जरूरत नहीं है, बल्कि उन्हें आशीर्वाद की जरूरत है।
इंदौर के कार्यक्रम को लेकर बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने
प्रदेश की राजनीति में राहुल गांधी के इंदौर में होने वाले 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर भी बयानबाजी तेज है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी इसे गैर-राजनीतिक कार्यक्रम बता रहे हैं, जबकि बीजेपी लगातार राहुल गांधी पर निशाना साध रही है।
CM मोहन यादव ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राहुल गांधी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि एक नेता 'झूठ की गूंज' लेकर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के नाम को लेकर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि नाम पप्पू है और वह पप्पू जैसा ही काम करेगा।
कैलाश विजयवर्गीय से शिवराज तक राहुल पर हमलावर
इंदौर के कार्यक्रम को लेकर प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और केंद्रीय मंत्री शिवराजसिंह चौहान भी राहुल गांधी को निशाने पर ले रहे हैं। राज्य में चल रही इसी राजनीतिक गहमागहमी के बीच मुख्यमंत्री की उमा भारती से मुलाकात हुई, जिसके बाद इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
उमा भारती पहले भी उठा चुकी हैं कई मुद्दे
उमा भारती सागर में हुए शराब कांड पर अपनी राय रख चुकी हैं। उन्होंने उज्जैन में हनुमान मंदिर की प्रतिमा हटाने की कोशिश का भी विरोध किया था। शिवपुरी में शराब के विरोध में आंदोलन कर रही महिलाओं के समर्थन में भी उमा भारती ने अपनी बात रखी थी।
CM मोहन यादव को लेकर उमा का रुख सकारात्मक
उमा भारती का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति रुख शुरुआत से सकारात्मक रहा है। वह उन्हें अपना विद्वान और योग्य भाई बताती रही हैं। सोमवार की मुलाकात के बाद भी उन्होंने मुख्यमंत्री की योग्यता पर भरोसा जताया और उनके लिए सलाह के बजाय आशीर्वाद की बात कही।
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