
भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दावा किया है कि राज्य पुलिस ने एक ऐसे नेटवर्क को ध्वस्त किया है, जो भविष्य में पाकिस्तान के इशारे पर भारत की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता था। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई के दौरान पुलिस को जिहादी साहित्य भी मिला है, जिसकी जांच जारी है। मुख्यमंत्री ने यह बयान पुलिस मुख्यालय में आयोजित आईजी कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र के बाद मीडिया से बातचीत में दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
'बिलों में छिपे संपोलों को भी ढूंढ़ निकालेगी पुलिस'
मुख्यमंत्री ने भोपाल में पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारे पर काम करने के आरोप में गिरफ्तार युवक फराज का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी मानसिकता रखने वाले अन्य लोगों को भी पुलिस तलाशकर कानून के दायरे में लाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस भविष्य में भी ऐसे छिपे हुए नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार अभियान चलाएगी।
ढाई साल में कई बड़े काम: CM
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में मध्य प्रदेश पुलिस ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। इसके अलावा साइबर अपराधों से निपटने में भी पुलिस ने प्रभावी भूमिका निभाई है।
तीन साल में 22 हजार पुलिसकर्मियों की होगी भर्ती
डॉ. मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश में आठ साल बाद सब-इंस्पेक्टर भर्ती शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि अगले तीन वर्षों में 22 हजार पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके लिए हर वर्ष नियमित भर्ती प्रक्रिया संचालित होगी।
भोजशाला मामले में पुलिस की सराहना
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार स्थित भोजशाला मामले में न्यायालय के फैसले के बाद पुलिस ने पूरे घटनाक्रम को बेहद संयम और समझदारी के साथ संभाला। उन्होंने पुलिस की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में बल ने बेहतर कार्य किया।
पीड़ितों के साथ संवेदनशील व्यवहार के निर्देश
आईजी कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के प्रति विश्वास बनाए रखना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि पीड़ितों के साथ विनम्र व्यवहार किया जाए और उनकी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
साइबर अपराध, महिला सुरक्षा और सिंहस्थ-2028 पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साइबर अपराधों की रोकथाम, जनजागरूकता, सड़क दुर्घटनाओं में कमी, मानव तस्करी पर नियंत्रण, महिला एवं बच्चों की सुरक्षा और धार्मिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों से संबंधित न्यायालय के निर्देशों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ-2028 करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा आयोजन है और मध्य प्रदेश पुलिस को संवेदनशीलता, सतर्कता और सेवा भाव के साथ इसे सफल बनाने की तैयारी करनी चाहिए।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

