
भोपाल की सत्ता के गलियारों से मंगलवार को विकास और फैसलों की गूंज सुनाई दी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में विधानसभा के समिति कक्ष में हुई कैबिनेट बैठक में ऐसे फैसले हुए, जो सीधे आम जनता और युवाओं की ज़िंदगी से जुड़े हैं। शहरी विकास के लिए 500 करोड़ का तोहफा, अधूरे ग्रामीण प्रोजेक्ट्स को नई रफ्तार और युवाओं के लिए नौकरी में राहत — कुल मिलाकर एक बैठक, कई बड़े ऐलान!
कैबिनेट बैठक में लिए गए अहम फैसले
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को राजधानी भोपाल स्थित विधानसभा के समिति कक्ष में मंत्रि-परिषद की अहम बैठक संपन्न हुई। बैठक में नगरीय निकायों के विकास के लिए मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचनात्मक निर्माण योजना को वर्ष 2026-27 तक लगातार रखने का फैसला लिया गया। इसके तहत योजना के लिए 500 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई।
1,062 परियोजनाएं मंजूर, सैकड़ों पूरे
कैबिनेट में बताया गया कि इस योजना के तहत प्रदेशभर में कुल 1,070 करोड़ रुपए की 1,062 परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इनमें से 325 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। 407 परियोजनाएं प्रगतिरत हैं और 330 परियोजनाएं डीपीआर स्वीकृति या निविदा प्रक्रिया में हैं। सरकार ने साफ किया कि इन सभी योजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए धन और प्रशासनिक सहयोग दोनों लगातार दिए जाएंगे।
शहरों में बदलेगी तस्वीर: ये होंगे विकास कार्य
इस योजना के तहत नगरीय क्षेत्रों में आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर रहेगा। इसके तहत यह कार्य शामिल हैं—
पेयजल व्यवस्था मजबूत करना
सफाई व्यवस्था बेहतर करना
स्ट्रीट लाइट व्यवस्था
सड़क और नाली निर्माण
श्मशान घाट का निर्माण
सामुदायिक भवन
रैन बसेरा निर्माण
खेल मैदानों का विकास
ग्रामीण सड़कों के अधूरे काम भी पूरे होंगे
कैबिनेट बैठक में मध्य प्रदेश ग्रामीण संपर्कता बाह्य वित पोषित योजना के तहत अधूरे कार्यों को पूरा करने पर भी मुहर लगाई गई। इसके लिए—
पहले से स्वीकृत ₹12 करोड़ 32 लाख
इसके अतिरिक्त ₹9 करोड़ 45 लाख खर्च की मंजूरी दी गई।
युवाओं के लिए राहत: परिवहन उप निरीक्षक पर बड़ा फैसला
राज्य सेवा परीक्षा 2022 में परिवहन उप निरीक्षक पद के लिए चयनित उम्मीदवारों को लेकर भी कैबिनेट में बड़ा निर्णय हुआ।
कुल चयनित उम्मीदवार: 29
नियुक्ति पाएंगे: 25 उम्मीदवार
नियुक्ति मिलेगी नई शर्तों के साथ
इन सभी अभ्यर्थियों को—
दो साल की परिवीक्षा अवधि में
एक वर्षीय कंप्यूटर डिप्लोमा
वैध ड्राइविंग लाइसेंस के दस्तावेज जमा करने होंगे।
यदि कोई उम्मीदवार तय समय में ये दस्तावेज नहीं देता है, तो तत्काल सेवा समाप्त कर दी जाएगी।
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