
इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में गुरुवार को आयोजित ‘मध्य प्रदेश टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0’ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऐसा विज़न पेश किया जिसने प्रदेश की टेक्नोलॉजी की दिशा और दशा दोनों तय कर दी। मुख्यमंत्री ने कहा – “समय तेज़ गति से चल रहा है। हमारे इंदौर का सुपर कॉरिडोर अब बेंगलुरु और अमेरिका के सिलिकॉन वैली की तरह बनेगा।”
टेक और इनोवेशन का नया हब बनेगा मध्य प्रदेश
इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य राज्य को तकनीक, नवाचार और निवेश का प्रमुख केंद्र बनाना है। इसके जरिए प्रदेश की तकनीकी और औद्योगिक प्रगति के नेक्स्ट फेज की रूपरेखा तय की गई। सरकार की मंशा स्पष्ट है—मध्य प्रदेश को भारत की टेक्नोलॉजी क्रांति में टियर-2 अग्रदूत के रूप में स्थापित करना।
वन-टू-वन मीटिंग और बड़े समझौते
कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से वन-टू-वन मुलाकात की। मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (भारतीय सेना) और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, मध्यप्रदेश शासन के बीच साइबर सुरक्षा और AI अनुसंधान के लिए बड़ा MoU साइन किया गया। इसके अलावा 7 प्रमुख MoU साइन हुए, जिनसे आईटी, रिसर्च और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र को नई रफ्तार मिलेगी।
10,500 रोजगार के अवसर खुलेंगे
इन समझौतों के जरिये प्रदेश में लगभग 10,500 नए रोजगार सृजित होंगे। सीएम मोहन यादव ने कहा, “मध्य प्रदेश पूरा संभावनाओं का प्रदेश है। जहां महालक्ष्मी विराजें वो इंदौर ही हो सकता है।” उन्होंने आगे कहा कि अब केवल इंदौर ही नहीं बल्कि जबलपुर, भोपाल और उज्जैन में भी आईटी पार्क तेज़ी से विकसित हो रहे हैं।
CISO पोर्टल और SpaceTech Policy 2025 का शुभारंभ
भारत की स्पेसटेक इकोनॉमी में मध्य प्रदेश को अग्रणी बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने ‘मध्य प्रदेश स्पेसटेक पॉलिसी 2025’ का ड्राफ्ट लॉन्च किया। इसके साथ ही उन्होंने CISO पोर्टल का भी शुभारंभ किया, जो प्रदेश की डिजिटल सुरक्षा और इनोवेशन के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।
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