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श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध: CM मोहन यादव

25 अग, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध: CM मोहन यादव
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के श्रमिक अपने खून-पसीने से एक-एक ईंट जोड़कर विकसित मध्यप्रदेश की नींव तैयार कर रहे हैं। श्रमिकों की सेवा, कल्याण, सम्मान और सुरक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार हर परिस्थिति में श्रमिकों की कठिनाइयों को दूर करने के लिए उनके साथ खड़ी है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बना है, जहां ‘श्रम शक्ति संहिता’ लागू की गई है। श्रमिकों के सम्मान और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार ने ‘श्रम स्टार रेटिंग’ की शुरुआत की है और श्रमिकों के हुनर को परिष्कृत कर उन्हें आगे बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। श्रमिकों को सहकारिता से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ‘श्रमणा’ योजना शुरू की गई है।


मुश्किल समय में संबल बनेगी सरकार

डॉ. यादव ने कहा कि श्रमिक परिवार पर विपत्ति आने, घर चलाने वाले व्यक्ति के असामयिक निधन या अचानक आर्थिक संकट की स्थिति में लोग साथ छोड़ सकते हैं, लेकिन सरकार कभी उनका साथ नहीं छोड़ेगी। मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना 2.0 मुश्किल समय में श्रमिकों को आर्थिक सहारा प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, संबल योजना ने प्रदेश के 1 करोड़ 84 लाख से अधिक श्रमिकों को सहारा दिया है।


राज्य सरकार पिछला बैकलॉग खत्म करते हुए श्रम सहित सभी विभागीय योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को निर्बाध रूप से सहायता राशि उपलब्ध करा रही है। संबल योजना में पात्र श्रमिकों को अंत्येष्टि सहायता के लिए 5 हजार रुपये, सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रुपये, दुर्घटना में मृत्यु पर 4 लाख रुपये, आंशिक स्थायी दिव्यांगता पर 1 लाख रुपये और स्थायी दिव्यांगता पर 2 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता दी जाती है।


9,149 हितग्राहियों को 203 करोड़ रुपये की सहायता

श्रावण के अंतिम सोमवार को मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) 2.0 योजना की 11वीं किश्त के रूप में 203 करोड़ रुपये की सहायता राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से 9,149 पात्र हितग्राहियों के खातों में अंतरित की गई।


इनमें सामान्य मृत्यु अनुग्रह सहायता के 8,027, दुर्घटना मृत्यु अनुग्रह सहायता के 1,034, आंशिक स्थायी दिव्यांगता के 66 और स्थायी दिव्यांगता के 22 हितग्राही शामिल हैं।


गर्भवती श्रमिक महिलाओं और बच्चों की पढ़ाई की भी चिंता

मुख्यमंत्री ने कहा कि संबल योजना की लाभार्थी श्रमिक बहनों को गर्भावस्था के दौरान आर्थिक चिंता करने की जरूरत नहीं है। पात्र गर्भवती श्रमिक महिलाओं को सरकार 16 हजार रुपये की सहायता राशि उपलब्ध करा रही है। वहीं संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामयम् योजना से भी जोड़ा गया है।


उन्होंने कहा कि श्रमिक हितग्राहियों के बच्चे यदि मेडिकल, कानून, इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक की पढ़ाई कर रहे हैं तो उनकी फीस की चिंता भी सरकार कर रही है।


गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स भी संबल योजना में शामिल

मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते रोजगार के स्वरूप को देखते हुए प्रदेश के नौजवान अब ऐप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। इनकी आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को भी संबल योजना 2.0 में शामिल किया है।


उन्होंने कहा कि कठिन समय में जब श्रमिकों के सामने सभी रास्ते बंद हो जाएं, तब भी राज्य सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी। श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक मजबूती के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।

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