
भोपाल। मध्य प्रदेश में बढ़ते अपराधों पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गए हैं। मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में हाई-लेवल मीटिंग के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस पर कड़ी नाराजगी जताई। बैठक में CS, DGP, ADG इंटेलिजेंस, पुलिस कमिश्नर भोपाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मीटिंग में रायसेन की घटना में गिरफ्तारी ना होने और मंडीदीप में चक्का जाम के समय पुलिस की लापरवाही पर मुख्यमंत्री ने कड़ा असंतोष जताया। वहीं राजधानी भोपाल में लगातार बढ़ती अपराध की घटनाओं को लेकर भी पुलिस कमिश्नर से जवाब-तलब किया गया और सभी वारदातों की विस्तृत जानकारी ली गई।
रायसेन SP और दो थाना प्रभारी लाइन अटैच
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने बड़ा प्रशासनिक एक्शन लेते हुए रायसेन पुलिस अधीक्षक (SP) को मुख्यालय अटैच करने के निर्देश जारी कर दिए। इसके अलावा मंडीदीप में चक्का जाम पर कार्रवाई नहीं करने और पुलिस की ढिलाई के चलते दो अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है —
➡️ मिसरोद थाना प्रभारी हटाए गए
➡️ टीला जमालपुरा के कार्यवाहक निरीक्षक दिनेश प्रताप सिंह भी हटाए गए
CM ने पुलिस को स्पष्ट चेतावनी: "सड़क पर उतरें — अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा"
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस को जीरो टॉलरेंस पॉलिसी पर काम करने का निर्देश देते हुए कहा, “सड़क पर उतरें। किसी भी अपराधी को बख्शा ना जाए। पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए। किसी भी कीमत पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई करें।” CM के इस बयान से साफ है कि सरकार अब अपराध नियंत्रण पर बेहद सख्त रुख अपनाने के मूड में है।
भोपाल में बढ़ते अपराधों पर सीधा एक्शन
पिछले कुछ दिनों में प्रदेश में कई आपराधिक वारदातें सामने आई हैं, खासकर राजधानी भोपाल में। लगातार बढ़ते अपराधों पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि —
➡️ अपराधियों पर सीधी कार्रवाई की जाए
➡️ कोई अपराधी बचने नहीं पाए
➡️ लापरवाह पुलिसकर्मियों पर तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई हो
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