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किसान चौपाल में राहुल गांधी की मौजूदगी पर सीएम मोहन यादव का तंज, पूछा- रबी और खरीफ फसल का फर्क बताएं

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किसान चौपाल में राहुल गांधी की मौजूदगी पर सीएम मोहन यादव का तंज, पूछा- रबी और खरीफ फसल का फर्क बताएं

किसान चौपाल में राहुल गांधी की मौजूदगी पर सीएम मोहन यादव का तंज, पूछा- रबी और खरीफ फसल का फर्क बताएं

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल में कांग्रेस की किसान चौपाल और विधानसभा बजट सत्र के बीच सियासत गर्म हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तीखा बयान देते हुए उनकी कृषि संबंधी जानकारी पर सवाल खड़े कर दिए।


किसान चौपाल में जुटे हजारों किसान, राहुल गांधी की मौजूदगी

भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में कांग्रेस ने राजधानी भोपाल में किसान चौपाल आयोजित की है। इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में किसान पहुंचे हैं। राहुल गांधी भी इसमें शामिल होकर किसानों से संवाद कर रहे हैं और कृषि नीतियों को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से किसानों से जुड़ने की कोशिशें तेज हो गई हैं।


विधानसभा में गूंजा किसान चौपाल का मुद्दा

मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का सातवां दिन भी राजनीतिक बयानबाजी से भरा रहा। अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। कुछ अन्य विषयों पर चर्चा के बाद सदन की कार्यवाही दोपहर तक स्थगित कर दी गई। इसी दौरान बाहर मीडिया से बातचीत में सीएम मोहन यादव ने राहुल गांधी के भोपाल दौरे पर प्रतिक्रिया दी।


सीएम मोहन यादव का बयान: “रबी-खरीफ का फर्क बताएं”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी का स्वागत है, लेकिन यदि वे किसानों के बीच जा रहे हैं तो उन्हें खेती से जुड़े व्यावहारिक सुझाव भी देने चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि नेता प्रतिपक्ष रबी और खरीफ फसलों के बारे में अपनी समझ स्पष्ट करें और दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने के उपाय बताएं। सीएम ने यह भी कहा कि कृषि के साथ डेयरी सेक्टर को मजबूत करने के लिए भी ठोस सुझाव सामने आने चाहिए।


सरकार ने गिनाईं अपनी कृषि उपलब्धियां

विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा लिए गए कृषि संबंधी फैसलों का भी जिक्र किया। उन्होंने दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों और नई योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है।


राजनीतिक संदेश क्या?

राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार किसान चौपाल और बजट सत्र का एक साथ होना सियासी माहौल को और गर्म बना रहा है। जहां कांग्रेस किसान मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है, वहीं बीजेपी सरकार अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को सामने रख रही है।

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