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CMO Reshuffle MP: 20+ अफसरों में जिम्मेदारी का बड़ा बंटवारा, सिंहस्थ 2028 और शिकायत सिस्टम पर फोकस

24 अप्रैल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
CMO Reshuffle MP: 20+ अफसरों में जिम्मेदारी का बड़ा बंटवारा, सिंहस्थ 2028 और शिकायत सिस्टम पर फोकस
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। CMO Reshuffle MP के तहत मध्यप्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल हुआ है। 20 से ज्यादा अफसरों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं, जिनमें सिंहस्थ 2028 और शिकायत निपटान सबसे अहम हैं। यह बदलाव सीधे तौर पर सरकार की तैयारी और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में देखा जा रहा है।


सिंहस्थ 2028 पर सीधा फोकस, मंडलोई ने खुद संभाली कमान

अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने इस बार सबसे अहम जिम्मेदारी खुद अपने पास रखी है। सिंहस्थ 2028 जैसे बड़े आयोजन को सफल बनाने की पूरी कमान अब सीधे उनके हाथ में होगी। इसके साथ ही वे सीएमओ के ओवरऑल हेड बने रहेंगे, यानी हर बड़े फैसले की निगरानी भी वही करेंगे। 


विजिलेंस और शिकायतों पर सख्ती, कौशलेंद्र को बड़ी जिम्मेदारी

सीएमओ में हाल ही में आए आईएएस कौशलेंद्र विक्रम सिंह को बेहद अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें विजिलेंस शाखा का प्रभारी बनाया गया है। साथ ही गंभीर शिकायतों के निपटान और एक्शन रिपोर्ट तैयार करने का काम भी उनके पास रहेगा।


कृषक कल्याण वर्ष और कैबिनेट समन्वय की जिम्मेदारी

सचिव आलोक सिंह को इस बार कृषक कल्याण वर्ष का पूरा जिम्मा दिया गया है। इसके अलावा वे कैबिनेट मीटिंग, सीएम के दौरे और नियुक्तियों का भी समन्वय संभालेंगे। यानी किसानों से जुड़े फैसलों से लेकर प्रशासनिक निर्णय तक—एक ही अधिकारी के जरिए तेज तालमेल की कोशिश की गई है। इससे नीति और ज़मीन के बीच की दूरी कम करने की रणनीति साफ दिखती है।


दिल्ली से लेकर जिलों तक, अलग-अलग अफसरों को टारगेट रोल

डॉ. इलैया राजा टी को केंद्र और राज्य के बीच तालमेल, सांसदों और मंत्रियों के पत्राचार और दिल्ली विजिट की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं चंद्रशेखर वालिम्बे को सीएम के दौरे, जनसंवाद और जबलपुर-रीवा-शहडोल क्षेत्रों का समन्वय सौंपा गया है। इससे साफ है कि सरकार ने काम को क्षेत्रवार और विषयवार बांटकर ज्यादा प्रभावी बनाने की कोशिश की है।


सुधीर कोचर और अन्य अफसरों को सपोर्ट सिस्टम की भूमिका

सुधीर कोचर को सीएम के दौरे, हेल्पलाइन और समाधान ऑनलाइन जैसे सिस्टम संभालने का काम मिला है। इसके अलावा 20+ अफसरों को निवेश, प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग, ट्रांसफर-पोस्टिंग, तकनीकी शिक्षा, रोजगार और जनजातीय कल्याण जैसे विभागों की जिम्मेदारी दी गई है। यह पूरा ढांचा एक तरह से “मल्टी-लेयर मॉनिटरिंग सिस्टम” की तरह काम करेगा—जहां हर स्तर पर जवाबदेही तय की गई है।

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