
भोपाल। मध्यप्रदेश में इस साल कड़ाके की ठंड पड़ रही है। नवंबर में ठंड के चलते कई सालों के रिकॉर्ड टूट चुके हैं। दिसंबर माह में भी ठंड का सितम बदस्तूर जारी है। ठंड के प्रकोप से समूचे मध्यप्रदेश ठिठुर रहा है। मंगलवार की रात मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान लुढ़क कर 4.8 डिग्री पर जा पहुंचा। वहीं प्रदेश के अन्य बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री,उज्जैन में न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री,ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री और जबलपुर में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश में 4.4 डिग्री न्यूनतम तापमान के साथ सबसे ठंडा शाजापुर सबसे ठंडा रहा।मंगलवार को तापमान के हिसाब से भोपाल देश का 8वां और प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा शहर रहा।
पूरे महीने रहेगा सर्दी का असर
इन दिनों पहाड़ों पर बर्फबारी का दौर जारी है जिसके चलते तेज ठंड पड़ रही है। इसके साथ ही प्रदेश में तापमान में गिरावट होने की मुख्य वजह जेट स्ट्रीम भी है। मौसम विभाग के अनुसार यह इस समय उत्तर भारत के ऊपरी हिस्से में बनी दिख रही है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जेट स्ट्रीम का असर है जहां 250- 300 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं बह रही है इसलिए सर्दी का असर ज्यादा दिखाई दे रहा है।उत्तर के मैदानी इलाकों से आने वाली ठंडी हवा और पहाड़ी इलाकों से आने वाली बर्फीली हवाओं के दोगुने असर से प्रदेश में ठिठुरन बनी हुई है।मौसम विभाग की माने तो आज से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में अपना प्रभाव दिखाएगा और अगले 2-3 दिनों में मध्यप्रदेश में भी इसका असर दिखाई देगा। इसके साथ ही अगले सप्ताह एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होता दिख रहा है जिससे तापमान में और भी गिरावट आ सकती है।इस हिसाब से पूरे महीने ही सर्दी का असर बना रहेगा।
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