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CWC Training: 19 जिलों के बाल कल्याण समिति सदस्यों को मिला राष्ट्रीय प्रशिक्षण, अब और मजबूत होगा बाल संरक्षण तंत्र

15 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
CWC Training: 19 जिलों के बाल कल्याण समिति सदस्यों को मिला राष्ट्रीय प्रशिक्षण, अब और मजबूत होगा बाल संरक्षण तंत्र
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल में आयोजित 13 दिवसीय राष्ट्रीय इंडक्शन प्रशिक्षण सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया है। इस प्रशिक्षण में मध्यप्रदेश के 19 जिलों से आए बाल कल्याण समिति (CWC) के नवनियुक्त अध्यक्षों और सदस्यों को बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षित किया गया। अब इन समितियों से बाल संरक्षण व्यवस्था को और अधिक संवेदनशील एवं जवाबदेह बनाने की उम्मीद है।


13 दिन तक चला आवासीय प्रशिक्षण

सरकार के अनुसार यह प्रशिक्षण 1 जून से 13 जून 2026 तक भोपाल स्थित आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित किया गया। इसका आयोजन भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत सावित्री बाई फुले राष्ट्रीय महिला एवं बाल विकास संस्थान (SPNIWCD) ने किया। प्रशिक्षण का उद्देश्य नव नियुक्त सदस्यों को उनकी जिम्मेदारियों के लिए बेहतर ढंग से तैयार करना था। आगे जानिए किन जिलों के प्रतिनिधियों ने इसमें हिस्सा लिया।


19 जिलों के 36 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

प्रशिक्षण कार्यक्रम में भोपाल, मंडला, डिंडोरी, भिंड, देवास, इंदौर, बड़वानी, खंडवा, बुरहानपुर, दतिया, हरदा, बालाघाट, दमोह, नर्मदापुरम, अनूपपुर, अशोकनगर, गुना, विदिशा और सीहोर सहित 19 जिलों से कुल 36 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बाल संरक्षण व्यवस्था को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर भी मिला। इसके आगे उन्हें किन विषयों पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया, यह जानना भी महत्वपूर्ण है।


बाल अधिकार, कानून और पुनर्वास पर मिला विस्तृत मार्गदर्शन

प्रशिक्षण के दौरान विषय विशेषज्ञों ने किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015, बाल अधिकार, बाल संरक्षण तंत्र, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन की प्रक्रियाओं तथा बाल कल्याण समितियों की वैधानिक जिम्मेदारियों पर विस्तार से जानकारी दी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि समिति के सदस्य संवेदनशील मामलों में कानून के अनुरूप प्रभावी निर्णय ले सकें। इसके साथ ही उन्हें जमीनी व्यवस्था भी दिखाई गई।


अध्ययन भ्रमण से मिला व्यावहारिक अनुभव

प्रतिभागियों को केवल कक्षा आधारित प्रशिक्षण ही नहीं दिया गया, बल्कि उन्हें विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी, राजकीय बाल संरक्षण एवं मातृशक्ति बालिका गृह, एसओएस चिल्ड्रेन विलेज और ओपन शेल्टर होम का अध्ययन भ्रमण भी कराया गया। इससे बाल संरक्षण की वास्तविक कार्यप्रणाली और पुनर्वास व्यवस्था को करीब से समझने का अवसर मिला।


राष्ट्रीय स्तर पर क्षमता संवर्धन में निभा रहा अहम रोल

सरकार के अनुसार सावित्री बाई फुले राष्ट्रीय महिला एवं बाल विकास संस्थान (SPNIWCD) महिला एवं बाल विकास क्षेत्र में प्रशिक्षण, अनुसंधान, परामर्श और प्रलेखन की अग्रणी संस्था है। यह मिशन सक्षम आंगनबाड़ी और मिशन वात्सल्य के तहत राष्ट्रीय नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करते हुए बाल संरक्षण एवं बाल अधिकारों से जुड़े मानव संसाधनों की क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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