
भोपाल। साइबर अपराध, ऑनलाइन उत्पीड़न और डिजिटल नुकसान का सामना कर रही महिलाओं और बच्चों के लिए इंदौर में साइबर वेलनेस सेंटर की शुरुआत की गई है। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने केंद्र का उद्घाटन किया। इस सेंटर के माध्यम से साइबर अपराध से प्रभावित लोगों को एक ही स्थान पर काउंसलिंग, मनो-सामाजिक सहयोग, तकनीकी मार्गदर्शन और कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने अहान फाउंडेशन के प्रोजेक्ट ‘रिस्पॉन्सिबल नेटिज़म’ और कोगटा फाउंडेशन के सहयोग से इस सेंटर की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य साइबर घटनाओं के पीड़ितों और सर्वाइवर्स को तत्काल, मुफ्त और संवेदनशील सहायता उपलब्ध कराना है। साथ ही प्रदेश में डिजिटल सुरक्षा और जिम्मेदार ऑनलाइन व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए मजबूत सहायता तंत्र तैयार करना है।
साइबर अपराध की रिपोर्ट दर्ज कराने में भी मिलेगी मदद
साइबर वेलनेस सेंटर में साइबर नुकसान से प्रभावित लोगों को मुफ्त काउंसलिंग के साथ मनो-सामाजिक एवं भावनात्मक सहायता दी जाएगी। पीड़ितों को तकनीकी और कानूनी मार्गदर्शन देने के साथ साइबर अपराध की रिपोर्ट दर्ज कराने में भी सहयोग किया जाएगा। इसके अलावा महिलाओं, बच्चों और समुदायों के लिए साइबर वेलनेस, डिजिटल रेजिलिएंस और साइबर अधिकारों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
साइबर सुरक्षा के साथ मानसिक सहयोग भी जरूरी : निर्मला भूरिया
उद्घाटन के दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि महिलाओं और बच्चों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ाने के लिए सरकार, सामाजिक संस्थाओं और समुदाय को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं है। साइबर अपराध या ऑनलाइन उत्पीड़न का शिकार होने वाले लोगों को तकनीकी और कानूनी मदद के साथ मानसिक एवं भावनात्मक सहारे की भी जरूरत होती है। साइबर वेलनेस सेंटर इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए पीड़ितों को समग्र सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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