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मध्यप्रदेश में दिखा साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ का असर, 20 जिलों में हुई बारिश,गिरे ओले

28 जन, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मध्यप्रदेश में दिखा साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ का असर, 20 जिलों में हुई बारिश,गिरे ओले

मध्यप्रदेश में दिखा साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ का असर, 20 जिलों में हुई बारिश,गिरे ओले

Deepak Singh
डेस्क रिपोर्टर
Deepak Singh

भोपाल। मध्यप्रदेश के मौसम में उतार चढ़ाव का सिलसिला जारी है। मंगलवार से मध्यप्रदेश में एकदम बदला हुआ मौसम नजर आ रहा है। प्रदेश के तापमान में बढ़ोतरी और गिरावट के बीच अब बारिश की एंट्री हो गई है। दरअसल हरियाणा और उसके आसपास के क्षेत्रों में एक स्ट्रॉन्ग साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है। इसके साथ ही एक ट्रफ भी यहां से गुजर रही है। इसका असर मध्यप्रदेश में साफ तौर पर देखने को मिल रहा है।मंगलवार को इसके असर से भोपाल सहित लगभग 20 से अधिक जिलों में तेज और मध्यम बारिश हुई। साथ ही कई जिलों में बादल भी छाए रहे।राजधानी भोपाल में देर रात गरज चमक के साथ तेज बारिश हुई जिसके चलते कई इलाकों में बिजली चली गई। वहीं आगर- मालवा,गुना और शाजापुर में ओले भी गिरे।ग्वालियर में ठंड और बारिश के चलते बुधवार को  8वीं तक क्लास तक की छुट्टी घोषित कर दी गई है। बुधवार को भी 14 से ज्यादा जिलों में बारिश का अलर्ट है।मौसम विभाग की माने तो उत्तर पश्चिम भारत में 30 जनवरी से एक और नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है जिसके असर से मध्यप्रदेश में फरवरी की शुरुआत भी बारिश के साथ हो सकती है।

प्रदेश में 20 से ज्यादा जिलों पर कोहरे का पहरा

बीते 24 घंटों में भोपाल,ग्वालियर साहित मध्यप्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में कोहरे का पहरा देखा गया। राजधानी भोपाल में सुबह और शाम को कोहरा छाया वहीं दिन में धूप खिली रही। तापमान में बढ़ोतरी होने से प्रदेश के मात्र 3 जिलों का न्यूनतम तापमान ही 10 डिग्री से कम रहा। बीते 24 घंटों में प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 14 डिग्री,इंदौर में न्यूनतम तापमान 15.5 डिग्री,उज्जैन  में न्यूनतम तापमान 16 डिग्री, जबलपुर  में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री और ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़ जिला 6.6 डिग्री न्यूनतम तापमान के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा।बसंत ऋतु के आगमन के साथ ही प्रदेश में ठंड से राहत का सिलसिला देखा जा रहा है अब बारिश और शीतलहर की संभावना के बाद महीने के आखिरी में एक बार फिर अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है।

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