
भोपाल। दलहन बोनस योजना को लेकर मध्य प्रदेश में बड़ा फैसला होने की तैयारी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में किसानों को सीधा फायदा देने वाली स्कीम पर मुहर लग सकती है। सरकार का फोकस साफ है—उत्पादन बढ़ाओ और किसानों की कमाई मजबूत करो। अब सवाल है कि किसानों को कितना फायदा मिलेगा और कैसे?
दलहन उत्पादन बढ़ाने पर सरकार का फोकस
सूत्रों के अनुसार सरकार मसूर, उड़द और अरहर जैसी फसलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए नई रणनीति बना रही है। इसके तहत 6 साल की लंबी योजना पर काम चल रहा है, जिसमें केंद्र सरकार का भी सहयोग शामिल है। इस योजना का मकसद सिर्फ उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करना भी है—यही इस फैसले को खास बनाता है।
उड़द किसानों को ₹600 प्रति क्विंटल बोनस संभव
सबसे बड़ा फैसला उड़द किसानों के लिए हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अलावा ₹600 प्रति क्विंटल तक बोनस देने पर विचार कर रही है। अगर यह प्रस्ताव पास होता है, तो किसानों की आमदनी में सीधा और तेज असर दिखेगा—यानी खेती ज्यादा फायदेमंद बन सकती है।
दाल मिल लगाने पर ₹25 लाख तक सब्सिडी
सरकार सिर्फ खेती तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि प्रोसेसिंग पर भी जोर दे रही है। इसके तहत नई दाल मिल लगाने वालों को ₹25 लाख तक की सब्सिडी देने का प्रस्ताव है। इस कदम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ेगा और किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिलने की संभावना भी मजबूत होगी।
खरीद प्रक्रिया और तकनीक में होगा सुधार
कैबिनेट में दलहन और तिलहन की खरीद प्रक्रिया को तेज करने पर भी चर्चा होगी। साथ ही किसानों को बेहतर बीज और आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराने की योजना भी एजेंडे में शामिल है।
5 साल की योजनाओं पर भी लगेगी मुहर
बैठक में विभिन्न विभागों की आगामी 5 वर्षों की योजनाओं और उनके बजट को भी मंजूरी दी जा सकती है। इसके अलावा मानसून से पहले सरकार की प्राथमिकताओं पर मंत्रियों के साथ रणनीतिक चर्चा भी होगी।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

