
इंदौर। सोशियो कम्युनिकेशंस, भोपाल की ओर से इंदौर प्रेस क्लब में ‘सोशियो-मीडिया संवाद’ का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के मुख्य सलाहकार केए बदरीनाथ रहे। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में डेटा सबसे बड़ी पूंजी और शक्ति बनकर उभर रहा है। कई बड़े फैसले डेटा पर आधारित होते हैं। कई देशों में डेटा पर आधारित नवाचार होने लगे हैं।
संवाद का विषय ‘मीडिया, टेक्नोलॉजी, सिविलाइजेशन एंड पब्लिक डिस्कोर्स ’ रहा। मुख्य वक्ता केए बदरीनाथ ने कहा कि विदेशों की पत्रकारिता डेटा आधारित होती है, जबकि भारतीय मीडिया में समाज, कला, साहित्य सहित कई रंग देखने को मिलते हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग सकारात्मक होना चाहिए। कई देशों में सोशल मीडिया की वजह से कुछ नकारात्मक अभियान भी चलाए गए हैं। केए बदरीनाथ, सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड एंड होलिस्टिक स्टडीज़, नई दिल्ली के निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी का भी दायित्व संभाल रहे हैं।
सोशल मीडिया का कंटेंट अब परंपरागत मीडिया को भी करने लगा है प्रभावित
केए बदरीनाथ ने कहा कि सोशल मीडिया का कंटेंट अब परंपरागत मीडिया को भी प्रभावित करने लगा है। सोशल मीडिया पर जो विषय ट्रेंड में रहता है, उसे दिखाने का दबाव अब अन्य मीडिया माध्यमों पर भी बढ़ने लगा है। उन्होंने कहा कि देश में पिछले दस वर्षों में डिजिटल मीडिया का प्रभाव तेजी से बढ़ा है। आने वाले समय की पत्रकारिता काफी हद तक डिजिटल मीडिया पर आधारित होगी।
एक गलत खबर किसी व्यक्ति को बना सकती है हीरो से जीरो: हेमंत उपाध्याय
विशिष्ट वक्ता वरिष्ठ ब्रॉडकास्ट जर्नलिस्ट हेमंत उपाध्याय ने कहा कि बदलते दौर में पत्रकारिता तकनीक से गहराई से जुड़ गई है। अब लोग खबरों पर तत्काल प्रतिक्रिया देने लगे हैं। एक गलत खबर किसी व्यक्ति को हीरो से जीरो बना सकती है। इंदौर प्रेस क्लब के अध्यक्ष दीपक कर्दम और महासचिव प्रदीप जोशी ने भी विचार साझा किए। कार्यक्रम के संयोजक सोशियो कम्युनिकेशंस के संस्थापक व डायरेक्टर डॉ. सुलभ सिंह ने अतिथियों और पत्रकारों के प्रति आभार जताया।
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