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दतिया उपचुनाव का शेड्यूल जारी: 30 जुलाई को मतदान, 3 अगस्त को मतगणना; राजेन्द्र भारती की सदस्यता खत्म होने के बाद खाली हुई थी सीट

02 जुल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
दतिया उपचुनाव का शेड्यूल जारी: 30 जुलाई को मतदान, 3 अगस्त को मतगणना; राजेन्द्र भारती की सदस्यता खत्म होने के बाद खाली हुई थी सीट
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। चुनाव आयोग ने पूरा कार्यक्रम जारी करते हुए मतदान से लेकर मतगणना तक की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही विधानसभा क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।


यह सीट कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेन्द्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद रिक्त हुई थी। अब सभी मतदान केंद्रों पर ईवीएम और वीवीपैट के माध्यम से मतदान कराया जाएगा।


उपचुनाव का पूरा कार्यक्रम

चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार—

- 6 जुलाई: अधिसूचना जारी होगी।

- 13 जुलाई: नामांकन की अंतिम तिथि।

- 14 जुलाई: नामांकन पत्रों की जांच।

- 16 जुलाई: नाम वापस लेने की अंतिम तिथि।

- 30 जुलाई: मतदान।

- 3 अगस्त: मतगणना।

- 4 अगस्त: निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होगी।


क्यों खाली हुई दतिया विधानसभा सीट

दतिया सीट कांग्रेस विधायक राजेन्द्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद रिक्त घोषित की गई। उन्हें दो वर्ष से अधिक की सजा मिलने के कारण विधानसभा की सदस्यता स्वतः समाप्त हो गई थी। इसके बाद मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने सीट रिक्त घोषित कर निर्वाचन आयोग को सूचना भेजी। यह कार्रवाई जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8, संविधान के अनुच्छेद 191(1)(e) और लिली थॉमस बनाम भारत संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुरूप की गई।


क्या था बैंक एफडी से जुड़ा मामला

मामला 1998 में दतिया सहकारी ग्रामीण विकास बैंक की एक फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का है। आरोप था कि बैंक रिकॉर्ड में बदलाव कर एफडी की अवधि 3 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष कर दी गई। इसी आधार पर 1999 से 2011 के बीच ब्याज की राशि निकाली जाती रही। उस समय राजेन्द्र भारती बैंक के अध्यक्ष और संबंधित संस्था के ट्रस्टी भी थे। बाद में जांच के बाद आरोपपत्र दायर किया गया।


अदालत के फैसले के बाद समाप्त हुई सदस्यता

1 अप्रैल 2026 को दिल्ली की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने 28 वर्ष पुराने बैंक धोखाधड़ी और जालसाजी मामले में राजेन्द्र भारती को दोषी ठहराया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके अगले दिन यानी 2 अप्रैल 2026 को अदालत ने उन्हें 3 वर्ष के कारावास और 1 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अपील के लिए सजा के क्रियान्वयन पर 60 दिन की मोहलत दी गई, लेकिन दोषसिद्धि बरकरार रही। उसी दिन विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता समाप्त कर सीट रिक्त घोषित कर दी।


सदस्यता तुरंत क्यों खत्म हुई

जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8(3) के तहत किसी जनप्रतिनिधि को दो वर्ष या उससे अधिक की सजा मिलने पर उसकी सदस्यता समाप्त हो जाती है। 2013 में सुप्रीम कोर्ट के लिली थॉमस फैसले के बाद केवल अपील दायर करने से सदस्यता बहाल नहीं होती। इसके लिए उच्च अदालत से दोषसिद्धि या अयोग्यता पर रोक मिलना आवश्यक होता है।


2023 चुनाव में नरोत्तम मिश्रा क्यों हारे

दतिया विधानसभा चुनाव 2023 में बीजेपी के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा को 7,742 वोटों से हार का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार बसई क्षेत्र में अपेक्षित बढ़त नहीं मिल सकी। कई लोगों ने ओवर कॉन्फिडेंस, संगठन के भीतर समन्वय की कमी, नगर पालिका चुनाव से जुड़ी नाराजगी और स्थानीय समस्याओं के समाधान में देरी को हार की वजह बताया।


राजेन्द्र भारती के कार्यकाल पर मिली-जुली राय

ढाई वर्ष के कार्यकाल को लेकर स्थानीय स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों का आरोप है कि वे जनता से पर्याप्त संपर्क में नहीं रहे और विधायक निधि का उपयोग क्षेत्र से बाहर किया गया। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेंद्र दांगी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि असहयोग के बावजूद उपलब्ध संसाधनों में विकास कार्य कराए गए।


उपचुनाव में किसकी क्या तैयारी

बीजेपी

पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का चुनाव लड़ना लगभग तय माना जा रहा है। सदस्यता समाप्त होने के बाद से वे लगातार सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय हैं। सूत्रों के मुताबिक वे दतिया के लिए बड़ी सरकारी घोषणा की तैयारी में हैं और 1 जून को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात भी कर चुके हैं।


कांग्रेस

कांग्रेस में टिकट को लेकर कई दावेदार सामने हैं। राजेन्द्र भारती अपने बेटे अनुज भारती के लिए टिकट की कोशिश कर रहे हैं। अवधेश नायक और पूर्व विधायक घनश्याम सिंह के समर्थक भी सक्रिय हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अशोक दांगी का कहना है कि उम्मीदवार का चयन सर्वे के आधार पर होगा।


आजाद समाज पार्टी

आजाद समाज पार्टी की ओर से दामोदर यादव ने दावा किया है कि पार्टी उन्हें उम्मीदवार घोषित कर चुकी है और औपचारिक घोषणा शेष है। वे किसान सम्मेलन और संगठन विस्तार के जरिए चुनावी तैयारी में जुटे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी मौजूदगी कांग्रेस के वोट बैंक को प्रभावित कर सकती है।

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