
दतिया (मध्यप्रदेश)। मंगलवार की सुबह दतिया शहर में उस वक्त खून से सड़क रंग गई, जब भाजपा पार्षद कल्लू कुशवाहा हनुमान मंदिर से दर्शन कर घर लौट रहे थे। सुबह ठीक 9 बजे सेवड़ा चुंगी के पास पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
दिनदहाड़े, भीड़भाड़ में — फिर भी कोई नहीं रोक सका
यह वारदात किसी सुनसान जगह नहीं, बल्कि शहर के उस इलाके में हुई जिसे स्थानीय लोग छोटा बस स्टैंड कहते हैं। सुबह के नौ बजे — जब बाजार खुल रहे होते हैं, लोग आते-जाते हैं — उसी वक्त 5 से 6 बदमाशों ने मिलकर पार्षद पर फायरिंग की और फरार हो गए। पार्षद के शरीर में कई गोलियां लगीं। सड़क पर बिखरा खून इस हमले की बर्बरता की गवाही दे रहा था।
पास में चौकी, फिर भी आधे घंटे तक सड़क पर पड़ा रहा शव
जो बात स्थानीय लोगों के गुस्से की सबसे बड़ी वजह बनी, वह था पुलिस का देर से पहुंचना। घटनास्थल के नजदीक ही पुलिस चौकी होने के बावजूद करीब आधे घंटे तक पार्षद का शव सड़क पर पड़ा रहा। जब पुलिस पहुंची तो शव को कंबल से ढका गया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। इस देरी ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुरानी रंजिश का कोण — पहले से थी साजिश?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस हत्याकांड के पीछे पुरानी रंजिश की आशंका है। हमले का तरीका — पहले से घात लगाना, एक साथ कई बदमाशों का होना और फायरिंग के तुरंत बाद फरार हो जाना — यह साफ इशारा करता है कि वारदात पूरी तरह से पूर्व-नियोजित थी। किसके इशारे पर, किस वजह से — यह जांच का विषय है। लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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