
भोपाल। मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा उपचुनाव में चुनाव प्रचार अब निर्णायक दौर में पहुंच गया है। विधानसभा के मानसून सत्र के समापन के बाद भाजपा और कांग्रेस ने अपने शीर्ष नेताओं को प्रचार में उतार दिया है, जबकि तीसरे उम्मीदवार की मौजूदगी मुकाबले को और रोचक बना रही है।
30 जुलाई को होने वाले मतदान से पहले राजनीतिक दल पूरी ताकत के साथ मतदाताओं तक पहुंचने में जुटे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव के आंकड़े भी इस सीट पर कांटे की टक्कर का संकेत दे रहे हैं।
भाजपा और कांग्रेस के बड़े नेता मैदान में
गुरुवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल दतिया में चुनाव प्रचार करते नजर आए। कांग्रेस की ओर से प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने भी प्रचार अभियान संभाला। भाजपा ने इस उपचुनाव में आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने घनश्याम सिंह पर भरोसा जताते हुए सीट बरकरार रखने का लक्ष्य रखा है। दोनों दलों ने चुनाव संचालन के लिए नेताओं और जनप्रतिनिधियों की अलग-अलग जिम्मेदारियां तय की हैं।
2023 के चुनावी आंकड़े भाजपा के लिए चुनौती
2023 विधानसभा चुनाव में दतिया सीट पर कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा को हराया था।
उस चुनाव में:
80.2% मतदान दर्ज हुआ।
2,098 पोस्टल बैलेट सहित कुल 1,76,759 वोट पड़े।
कुल 17 उम्मीदवार मैदान में थे।
कांग्रेस को 50.34% वोट मिले।
भाजपा को 45.96% मत प्राप्त हुए।
कई ऐसे मतदान केंद्रों पर भी कांग्रेस को बढ़त मिली थी, जिन्हें पहले भाजपा का मजबूत आधार माना जाता था।
तीसरे उम्मीदवार पर भी टिकी निगाहें
दतिया उपचुनाव में तीसरे उम्मीदवार दामोदर यादव भी चर्चा में हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उनकी मौजूदगी मुकाबले के अंतिम नतीजे को प्रभावित कर सकती है। दामोदर यादव ने 2023 विधानसभा चुनाव में दतिया जिले की सेवढ़ा सीट से चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में उन्हें 29,042 वोट मिले थे और वे 20.63% मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे।
सेवढ़ा सीट के पिछले नतीजे
सेवढ़ा विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2023 के चुनाव परिणाम इस प्रकार रहे थे:
भाजपा के प्रदीप अग्रवाल — 43,834 वोट
कांग्रेस के घनश्याम सिंह — 41,276 वोट
दामोदर यादव — 29,042 वोट
हालांकि सेवढ़ा सीट भाजपा ने जीती थी, जबकि दतिया सीट कांग्रेस के खाते में गई थी।
मतदान से पहले तेज होगा प्रचार
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान होना है। मतदान से पहले राजनीतिक दलों के पास प्रचार के लिए सीमित समय बचा है और अगले 5 दिन तक चुनाव अभियान पूरी रफ्तार से चलने की संभावना है।
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