
भोपाल। मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा में प्रस्तावित उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं, लेकिन चुनाव की स्थिति अब भी न्यायालय के फैसले पर निर्भर बनी हुई है। गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक राजेन्द्र भारती की याचिका पर सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।
अदालत के निर्णय का इंतजार भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए अहम माना जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि शुक्रवार को फैसला आने के बाद उपचुनाव की आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
हाईकोर्ट में दोनों पक्षों ने रखे अपने तर्क
सुनवाई के दौरान राजेन्द्र भारती की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पी. चिदंबरम ने अदालत में पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि संबंधित विवाद आपराधिक नहीं बल्कि सिविल प्रकृति का है। उन्होंने अदालत को बताया कि बैंक पहले भी इस विवाद को सिविल मामला मानकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था, जहां दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ था। उनके अनुसार समझौते की राशि अब तक नहीं मिली है और संबंधित एफडी अभी भी बैंक के पास सुरक्षित है।
सह-आरोपी बनाए जाने पर भी उठाया सवाल
राजेन्द्र भारती की ओर से यह भी दलील दी गई कि घटना के लगभग आठ वर्ष बाद रघुवीरशरण प्रजापति को सह-आरोपी बनाया गया, जिस पर भी अदालत का ध्यान आकर्षित किया गया।
चुनावी रणनीति पर पड़ेगा असर
दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद कई राजनीतिक समीकरण स्पष्ट हो सकते हैं।
राजेन्द्र भारती के राजनीतिक भविष्य पर स्थिति साफ होगी।
भाजपा और कांग्रेस की चुनावी रणनीति प्रभावित हो सकती है।
दोनों दलों के उम्मीदवारों को लेकर भी तस्वीर स्पष्ट होने की संभावना है।
नामांकन जारी, उम्मीदवारों पर अब भी सस्पेंस
दतिया उपचुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया जारी है, लेकिन अभी तक भाजपा और कांग्रेस ने अपने अधिकृत प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है। भाजपा की ओर से नरोत्तम मिश्रा सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने नामांकन पत्र भी खरीद लिया है।
उपचुनाव से पहले कांग्रेस को झटका
उपचुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस को गुरुवार को एक और राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा। पार्टी के वरिष्ठ नेता राकेश सिंह यादव ने भोपाल स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। हेमंत खंडेलवाल ने उन्हें भाजपा का गमछा पहनाकर स्वागत किया।
पहले इस्तीफा, फिर भाजपा में शामिल
राकेश सिंह यादव कांग्रेस में महासचिव रह चुके हैं। उन्होंने कुछ दिन पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे के बाद उनके भाजपा में शामिल होने की चर्चा चल रही थी, जिस पर गुरुवार को मुहर लग गई।
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