
भोपाल। मध्यप्रदेश में एक बार फिर ठंड ने जोर पकड़ लिया है। फरवरी के पहले हफ्ते में जहां लोगों को हल्की गर्मी का एहसास होने लगा था, वहीं अब रात के तापमान में गिरावट ने ठिठुरन बढ़ा दी है। प्रदेश के कई इलाकों में रातें फिर से सर्द हो गई हैं और लोग गर्म कपड़ों का सहारा लेने को मजबूर हैं।प्रदेश के ग्वालियर, रीवा, दतिया, राजगढ़ सहित कुल 8 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। इन सभी जिलों में रात के समय कड़ाके की ठंड महसूस की गई। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान प्रदेश का सबसे ठंडा जिला राजगढ़ रहा, जहां तापमान सबसे नीचे पहुंच गया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर खत्म हो गया है। इसी वजह से आसमान साफ है और रात के तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। साफ मौसम के कारण गर्मी दिन में बढ़ रही है, लेकिन रातें अभी भी सर्द बनी हुई हैं। हालांकि, यह ठंड ज्यादा दिनों तक नहीं टिकेगी।
10 फरवरी को एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों के बाद एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है। 10 फरवरी को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना जताई गई है। इसके असर से मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में मावठा गिर सकता है।10 फरवरी से प्रदेश में बादल छाने, हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं बूंदाबांदी की संभावना है। मावठा गिरने से एक बार फिर तापमान में बदलाव देखने को मिलेगा और ठंड का असर कुछ हद तक कम हो सकता है।राजधानी भोपाल की बात करें तो यहां दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भोपाल में अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि रात का न्यूनतम तापमान गिरकर 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन और रात के तापमान में इस अंतर के कारण लोगों को मौसम में दोहरा असर महसूस हो रहा है।
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