
भोपाल। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सुंदरलाल पटवा राष्ट्रीय नगर प्रबंधन संस्थान में गुरुवार शहरी सुधार कार्यशाला का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन महज नियमों से नहीं, बल्कि उचित व्यवहार से चलता है। जनता की सेवा के लिए समर्पण और कठोर परिश्रम ही एक सफल अधिकारी की वास्तविक पहचान है।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जीवन में सीखने की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होनी चाहिए। यदि सभी अधिकारी विद्यार्थी भाव को आत्मसात कर जीवन जिएंगे, तो व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन दोनों ही उत्कृष्ट होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप हमें सभी नगरीय निकायों को 'आत्मनिर्भर' बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हमारे शहरी केंद्रों को 'विकास केंद्र' के रूप में विकसित किया जाए।
मंत्री ने कहा कि अधिकारियों को अब केवल सुदृढ़ सड़क और स्वच्छ जल तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें शहर में रोजगार के नवीन अवसर उत्पन्न करने की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने अधिकारियों से दूरदर्शी नेतृत्व और कर्मठता के साथ नगरों के कायाकल्प करने का आह्वान किया।
नगरीय भूमि का उपयोग जनकल्याणकारी और विकास कार्यों के लिए प्रभावी ढंग से हो
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नगरों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण पर चर्चा करते हुए भूमि मुद्रीकरण और भूमि के कुशल प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि नगरीय भूमि का उपयोग जनकल्याणकारी और विकास कार्यों के लिए प्रभावी ढंग से हो। आने वाला समय शहरीकरण का है। यदि अधिकारी पारदर्शिता और जन-भागीदारी के साथ नवीन कार्य करेंगे और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं देंगे, तो जनता भी कर वृद्धि जैसे निर्णयों में सहर्ष आपका साथ देगी।
सेवा भाव आवश्यक, यह सीधे जनता से जुड़ा दायित्व
मंत्री कैलाश विजय वर्गीय ने अधिकारियों को जन-प्रतिनिधियों के साथ सामंजस्य बिठाकर चुनौतियों को स्वीकार करने की सीख दी। नवनियुक्त मुख्य नगर पालिका अधिकारियों से संवाद के दौरान कहा कि नगरीय निकायों में कार्य करते समय सेवा भाव अत्यंत आवश्यक है, यह सीधे जनता से जुड़ा दायित्व है। अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
विभाग एक परिवार व सामूहिक भावना के साथ कार्य कर रहा
नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि विभाग एक परिवार और सामूहिक भावना के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी 16 नगर निगमों के आयुक्त, मुख्य नगरपालिका अधिकारी और वरिष्ठ अधिकारी इस कार्यशाला में शामिल हैं। कार्यशाला का मुख्य केंद्र नागरिक संतुष्टि और मूलभूत सिद्धांतों पर कार्य करना है।
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