
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के जरिए मध्य प्रदेश को जल्द बड़ी कनेक्टिविटी मिलने जा रही है। इस परियोजना के तहत एक्सप्रेसवे को मुंबई की दिशा में नया लिंक मिलेगा, जिससे प्रदेश से यात्रा करने वाले लोगों का सफर अधिक आसान होगा और यात्रा का समय भी कम लगेगा। इस संबंध में जानकारी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दी। नई कनेक्टिविटी से यात्रियों के साथ-साथ व्यापार और परिवहन क्षेत्र को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश के तीन जिलों से गुजरता है एक्सप्रेसवे
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे मध्य प्रदेश के रतलाम, मंदसौर और झाबुआ जिलों से होकर गुजरता है। करीब 1400 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे देश के दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र को जोड़ता है। यह भारत के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे में शामिल है और इसे आधुनिक स्मार्ट व ग्रीन टेक्नोलॉजी के साथ विकसित किया गया है।
किसानों और उद्योगों को होगा फायदा
नई कनेक्टिविटी मिलने के बाद मुंबई तक कम समय और कम लागत में पहुंचना संभव होगा। इससे मालवा क्षेत्र के उद्योगों और लॉजिस्टिक्स सेक्टर की परिवहन लागत घटेगी। इसका सीधा लाभ किसानों को मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से इंदौर, पीथमपुर और देवास के उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को इसका अधिक फायदा मिलेगा।
एक्सप्रेसवे की प्रमुख विशेषताएं
- 8 लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे
- भविष्य में 12 लेन तक विस्तार की संभावना
- कुल लंबाई करीब 1350 से 1386 किलोमीटर
- निर्माण लागत 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक
- वाहनों के लिए 100 से 120 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड
- आधुनिक और ग्रीन टेक्नोलॉजी से विकसित परियोजना
यात्रा होगी तेज, कनेक्टिविटी होगी मजबूत
मुंबई की ओर नया कनेक्टिविटी लिंक मिलने के बाद मध्य प्रदेश से आने-जाने वाले यात्रियों को बेहतर सड़क नेटवर्क का लाभ मिलेगा। साथ ही माल परिवहन अधिक तेज और किफायती होने से औद्योगिक और कृषि क्षेत्र को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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