
भोपाल। मध्यप्रदेश में इन दिनों कड़ाके की ठंड का दौर चल रहा है। सर्दी के इस सीजन में कई सालों के रिकॉर्ड टूट गए हैं।नवंबर से शुरू हुआ सर्दी का दौर नए साल में भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। जनवरी का पहला पखवाड़ा में ही हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ रही है।इसके साथ ही प्रदेश में कोहरे के चलते भी मुसीबत बढ़ गई है। खासतौर से मध्यप्रदेश का उत्तरी हिस्सा घने कोहरे की चपेट में है जिसमेंग्वालियर,चंबल, शहडोल,रीवा और सागर संभाग शामिल हैं।गुरुवार को प्रदेश के 17 जिलों में घना और मध्यम कोहरा छाया रहा वहीं शुक्रवार को ठंड के चलते 7 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश के बड़े शहरों में से भोपाल न्यूनतम तापमान 9 डिग्री, इंदौर में न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री,उज्जैन में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री,जबलपुर में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री और ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 7.1 डिग्री रहा।
20 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम
बीते 24 घंटों में प्रदेश के 20 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। ठंड के चलते प्रदेश के कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है वहीं कुछ में स्कूलों की टाइमिंग बदली हुई है। कई जिलों में विजिबिलिटी कम होने की वजह से परिवहन के साधनों पर गहरा असर पड़ा है।ट्रैन,फ्लाइट्स और बसें अपने नियत समय से विलंब से चल रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी भारत से आ रही बर्फीली सर्द हवाओं के चलते मध्यप्रदेश में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है इसलिए फिलहाल ज्यादा राहत के आसार नहीं हैं।सुबह और शाम कोहरे से निजात मिलना भी संभव नहीं है। मध्यप्रदेश में जनवरी माह ठंड के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण होता है। इस महीने में प्रदेश में तेज ठंड पड़ने का ट्रेंड रहा है जो इस साल भी बदस्तूर जारी है।
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