
भोपाल। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मंगलवार को मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मेडिकल ऑफिसर और पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से सीधे जुड़ी हुई है। पीएससी और कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से की जा रही भर्ती प्रक्रिया की नियमित समीक्षा की जाए। समस्त औपचारिकताओं की प्राथमिकता से पूर्ति की जाए।
उपमुख्यमंत्री ने बैठक में एएनएम के शेष रिक्त पदों पर प्राथमिकता से पूर्ति के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती के लिए वर्तमान में उपलब्ध मॉडलों की विस्तृत समीक्षा कर जल्द आवश्यक भर्तियों की प्रक्रिया शुरू की जाए। साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को फर्स्ट रेफरल यूनिट के रूप में विकसित करने के लिए विशेषज्ञों की समय पर पदस्थापना को अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि इससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ होंगी और मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकेगा।
बैठक में उपमुख्यमंत्री को बताया गया कि अग्रेषित 1377 विशेषज्ञ भर्ती प्रक्रिया में 500 विशेषज्ञों की सूची प्राप्त हो चुकी है। उप मुख्यमंत्री ने जल्द नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। बैठक में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा धनराजू एस, एमडी एमपीपीएचएससीएल मयंक अग्रवाल, संचालक स्वास्थ्य दिनेश श्रीवास्तव, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अरुणा कुमार, संचालक मल्लिका निगम नागर, संचालक वित्त (एनएचएम) वीरभद्र शर्मा सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
नर्सिंग शिक्षकों की भर्ती में आ रही कठिनाइयों की समीक्षा की गई
बैठक में नर्सिंग शिक्षकों की भर्ती में आ रही व्यवहारिक और प्रक्रियात्मक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए भर्ती से संबंधित नियमों में आवश्यक संशोधन की कार्यवाही की समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने विभागीय जानकारी और स्पष्टीकरण शीघ्र सामान्य प्रशासन विभाग को अग्रेषित करने के निर्देश दिए, जिससे मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके और नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो।
विकास कार्यों में किसी प्रकार का विलंब न हो
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मेडिकल कॉलेज बुधनी, मंडला, सागर एवं रीवा में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि पुनरीक्षित स्वीकृति से संबंधित सभी आवश्यक औपचारिकताएं समय-सीमा में पूरी की जाएं, जिससे विकास कार्यों में किसी प्रकार का विलंब न हो। साथ ही शैक्षणिक और चिकित्सकीय सुविधाओं का विस्तार निर्धारित समय में किया जा सके। उप मुख्यमंत्री ने रीवा, ग्वालियर, जबलपुर सहित चिन्हित मेडिकल कॉलेजों में उन्नत कैंसर उपचार सुविधाओं के विस्तार के लिए अधोसंरचना विकास एवं आवश्यक उपकरणों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों के कार्य समय से पूरा करने के निर्देश
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज बुधनी, छतरपुर और दमोह में आगामी-सत्र से संचालन प्रस्तावित है, इसके लिए अधोसंरचना विकास कार्य पूरे होने वाले हैं। संचालन के लिए फर्नीचर, उपकरण और आवश्यक शैक्षणिक और सहायक मैनपावर भर्ती का कार्य भी समय से पूरे किए जाएं, जिससे एनएमसी अनुमोदन की कार्यवाही पूरी की जा सके।
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