
भोपाल। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने अधिकारियों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) को फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) के रूप में उन्नत करने के लिए मैनपॉवर की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सोमवार को मंत्रालय में प्रदेश की स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास और चिकित्सा सेवाओं के सुदृढ़ीकरण से संबंधित विषयों पर चर्चा की।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए एफआरयू का सुचारू संचालन बहुत जरूरी है। उन्होंने चयनित हो चुके स्टाफ की जॉइनिंग प्रक्रिया को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए, जिससे अस्पतालों में मानव संसाधन की कमी को दूर कर सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सके।
बैठक में स्वास्थ्य जांच की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए प्रदेश की टेस्टिंग लैब्स के सुदृढ़ीकरण कार्यों पर भी चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री ने आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और पैथोलॉजी सेवाओं के विस्तार के लिए जरूरी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव अशोक बर्नवाल, आयुक्त धनराजू एस सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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