
भोपाल। कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में मंगलवार को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत मॉडल जिला एवं मॉडल स्वास्थ्य संस्था पहल की राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि डिजिटल हेल्थ मिशन को जनसेवा का माध्यम बनाएं। डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से प्रदेश के अंतिम छोर तक गुणवत्तापूर्ण और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की सहज पहुंच सुनिश्चित करना सरकार का प्रमुख लक्ष्य है।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत विकसित डिजिटल व्यवस्थाओं से नागरिकों को पारदर्शी, सुगम और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने अधिकारियों और स्वास्थ्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि चयनित मॉडल जिलों एवं संस्थाओं में डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जाए और वहां विकसित श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को प्रदेश की अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं तक पहुंचाया जाए।
उपमुख्यमंत्री ने डिजिटल स्वास्थ्य अभिलेखों के शत-प्रतिशत उपयोग, स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक के प्रभावी समावेश और नागरिक-केंद्रित सेवा व्यवस्था को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मॉडल जिला व मॉडल स्वास्थ्य संस्था पहल को केवल तकनीकी परियोजना न मानते हुए स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक बदलाव के अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा धनराजू एस., विभिन्न जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी, स्वास्थ्य संस्थाओं के नोडल अधिकारी तथा शासकीय एवं निजी चिकित्सा संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर दिया जोर
उपमुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला नोडल अधिकारी और स्वास्थ्य संस्थाओं के नोडल अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए टेलीमेडिसिन के अधिक प्रभावी उपयोग पर भी उन्होंने जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों से मिशन मोड में कार्य करते हुए मध्यप्रदेश को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी बनाने का आह्वान किया।
उत्कृष्ट जिलों और संस्थाओं का किया गया सम्मान
कार्यक्रम में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों एवं स्वास्थ्य संस्थानों को सम्मानित किया गया। आभा आईडी निर्माण में जबलपुर, ग्वालियर, इंदौर और सतना को सम्मान मिला। टोकन जनरेशन में उत्कृष्ट कार्य के लिए जिला चिकित्सालय भोपाल और इंडेक्स मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, इंदौर तथा स्वास्थ्य अभिलेख फाइलिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जिला चिकित्सालय जबलपुर और एम्स भोपाल को सम्मानित किया गया।
डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था का प्रभावी हिस्सा बने तकनीक: नरेंद्र शिवाजी पटेल
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यप्रणाली का प्रभावी हिस्सा बनाया जाए। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के माध्यम से तकनीक का उपयोग नागरिकों को अधिक सुगम और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में किया जाना चाहिए। उन्होंने मॉडल जिलों और स्वास्थ्य संस्थाओं से प्राप्त अनुभवों को अन्य संस्थाओं तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई।
प्रदेश में 5.90 करोड़ से अधिक आभा आईडी बनाई जा चुकी
आयुष्मान भारत योजना (मध्यप्रदेश) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अरविंद शाह ने बताया कि अगस्त 2026 तक प्रदेश में 5 करोड़ 90 लाख से अधिक आभा आईडी बनाई जा चुकी हैं। इसके अलावा 20,444 से अधिक स्वास्थ्य संस्थाएं हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री में तथा 19,274 स्वास्थ्यकर्मी हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री में पंजीकृत हो चुके हैं।
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