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उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा- शिशु-मातृ मृत्यु दर में कमी व एनीमिया के प्रभावी नियंत्रण के लिए यूनीसेफ के साथ मिलकर करेंगे कार्य

09 जुल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा- शिशु-मातृ मृत्यु दर में कमी व एनीमिया के प्रभावी नियंत्रण के लिए यूनीसेफ के साथ मिलकर करेंगे कार्य
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल से वल्लभ भवन में गुरुवार को यूनीसेफ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिशु और मातृ मृत्यु दर में कमी लाने व एनीमिया के प्रभावी नियंत्रण के लिए यूनीसेफ के साथ मिलकर कार्य करेंगे। चुनौती से निपटने के लिए सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।


उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि राज्य सरकार जिला स्तर पर विशेषज्ञों की भर्ती कर मानव संसाधन की कमी दूर करने की दिशा में कार्य कर रही है। हीमोग्लोबिन जांच की सुविधा सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा अन्य संबंधित विभागों के समन्वय से कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कार्ययोजना के निर्माण में यूनीसेफ से तकनीकी सहयोग का आग्रह किया।


प्रतिनिधिमंडल में यूनीसेफ इंडिया के उप प्रतिनिधि (कार्यक्रम) जैस्पर मिलर, यूनीसेफ इंडिया की चीफ फील्ड सर्विसेज सोलेदाद हेरेरो, यूनीसेफ मध्यप्रदेश के प्रमुख विलियम हैनलोन और मध्यप्रदेश के कम्यूनिकेशन स्पेशलिस्ट अनिल गुलाटी उपस्थित रहे। बैठक में शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में कमी, एनीमिया नियंत्रण, कुपोषण, बाल विवाह की रोकथाम व उच्च जोखिम गर्भावस्था के प्रभावी प्रबंधन सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।


मास्टर ट्रेनर्स की क्षमता निर्माण में सहयोग कर सकता है यूनीसेफ

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यूनीसेफ राज्य के मास्टर ट्रेनर्स की क्षमता निर्माण में सहयोग कर सकता है, जिससे वे जिलों में प्रशिक्षण देकर उच्च जोखिम गर्भावस्था की समय पर पहचान, सुरक्षित प्रसव और नवजात शिशु देखभाल को मजबूत कर सकें। उन्होंने पंचायतों के सहयोग से राज्य स्तरीय जन-जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता भी बताई। उन्होंने यूनीसेफ से ऐसे सरल व प्रभावी मुख्य संदेश उपलब्ध कराने का आग्रह किया, जिन्हें जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नेतृत्व के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जा सके। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जनभागीदारी और विभागीय समन्वय से एनीमिया, शिशु एवं मातृ मृत्यु तथा बाल विवाह जैसी चुनौतियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।


मध्यप्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता की सराहना की

यूनीसेफ इंडिया के उपप्रतिनिधि (कार्यक्रम) जैस्पर मिलर ने शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने इस दिशा में राज्य की ओर से लागू किए जा रहे ‘सुमन रोडमैप’ की प्रशंसा की। साथ ही, राज्य में मदर एंड न्यूबॉर्न चाइल्ड केयर यूनिट्स की स्थापना की पहल के लिए भी मध्यप्रदेश को बधाई दी। सोलेदाद हेरेरो ने कुपोषण और बाल विवाह के परस्पर संबंधों पर चर्चा की।

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