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आत्मा की शुद्धि के लिए भक्ति और सत्संग बहुत जरूरी: डॉ. मोहन यादव

30 अप्रैल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
आत्मा की शुद्धि के लिए भक्ति और सत्संग बहुत जरूरी: डॉ. मोहन यादव
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को शुजालपुर स्थित हाटकेश्वर धाम सेमली घाट में पंडित कमल किशोर नागर की ओर सुनाई जा रही श्रीमद्भगवत् कथा में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन में जिस तरह शरीर को भोजन जरूरी है, उसी प्रकार आत्मा की शुद्धि के लिए भक्ति और सत्संग बहुत जरूरी है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में धर्म-संस्कृति की धारा को निरंतर प्रवाहमान बनाए रखने के लिए सक्रिय है। हमारे किसान अपने कठोर परिश्रम से देशवासियों को अन्न और सभी आवश्यक भोजन सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं। राज्य सरकार हर कदम पर किसानों के साथ है। किसानों को उनके परिश्रम का उचित सम्मान देने के लिए राज्य सरकार ने गेहूं का उपार्जन शुरू किया है। प्रत्येक गेहूं उपार्जन केंद्र पर किसानों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। 


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के किसानों ने गेहूं की फसल लगाई और धरती माता की कृपा से इस वर्ष गेहूं का उत्पादन दोगुना हो गया है। समर्थन मूल्य पर गेंहू खरीदने के साथ-साथ किसानों को 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस का भी लाभ दिया जा रहा है। अपनी प्रतिबद्धता के बलबूते राज्य सरकार इस वर्ष 2 हजार 625 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीद रही है। किसानों से उनकी उपज का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। मुख्यमंत्री ने इससे पहले शाजापुर जिले के शुजालपुर में गेंहू उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण भी किया।कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार भी उपस्थित थे।




 




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