
भोपाल। 'जब कोई भगवान की शरणागति में होता है, तो वह उसके तमाम संकट अपने ऊपर ले लेते हैं। जो मनुष्य सच्चे मन से भक्ति करते हैं, भगवान उनकी रक्षा करते हैं। ऐसा नहीं है कि उसके जीवन में कोई समस्या नहीं आएगी। समस्या आएगी तो अधीर नहीं होंगे। भगवान की भक्ति संकटों से लड़ने की शक्ति देती है।'
ये उदगार प्रख्यात कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने बुधवार को बावड़िया कला के रुद्राक्ष किंगस्टन परिसर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में व्यक्त किए। महाराज जी ने कहा कि यदि युवा भगवान की भक्ति करने लगे तो वहां निराशा से मुक्त हो जाएंगे। उनके मन में आत्महत्या जैसे विचार कभी नहीं आएंगे। वह संघर्ष करने के लिए प्रेरित होंगे और निश्चित ही सफल होंगे।
शालिग्राम डेवलपर्स रुद्राक्ष किंग्सटन के सहयोग से आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन महाराज जी ने श्री कृष्ण की बाल लीलाओं, माखन चोरी, गोवर्धन पूजा का प्रसंग सुनाया। उनके गाए भजनों ' सखी दिल ले गयो बंसी वारो...', ' जहां ले चले गए वहीं मैं चलूंगा...' 'अरे रे मेरो मारग रोक्यो कृष्ण कन्हैया ने ...' पर श्रोताओं भक्तिभाव में विभोर होकर खूब नृत्य किया।
गोवर्धन महाराज का पूजन और परिक्रमा भी
कथा के दौरान गोवर्धन महाराज की जीवंत झांकी और छप्पन भोग के भी दर्शन श्रोताओं ने किया। कथा आयोजक और यजमान शालिग्राम डेवलपर्स के सीएमडी देवेंद्र चौकसे, संगीता चौकसे ने परिवार के साथ बाकी सदस्यों ने गोवर्धन महाराज का पूजन और परिक्रमा की।
प्रख्यात कथावाचक को सुनना सौभाग्य की बात: राजेंद्र शुक्ल
मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्रख्यात कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर से श्रीमद् भागवत कथा सुनना भोपालवासियों के लिए सौभाग्य की बात है। अधिक से अधिक लोगों को कथा सुनने का लाभ लेना चाहिए। मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि चौकसे परिवार कथा की आयोजन के लिए धन्यवाद का पात्र है। आरएसएस के प्रांत संचालक अशोक पांडेय ने भी महाराज जी से आशीर्वाद प्राप्त किया।
प्रभु से प्रार्थना कथा का लाभ सभी को मिले: हेमंत खंडेलवाल
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल कथा विश्राम आरती में शामिल हुए। उन्होंने कहा चौकसे परिवार की ओर से एक भव्य आयोजन किया गया है। प्रभु से प्रार्थना है कि इस कथा का लाभ सभी को मिले। आरती में विधायक भगवान सबनानी, महापौर मालती राय, भाजपा के प्रदेश प्रभारी आशीष अग्रवाल भी शामिल हुए।
जिसको मां कहा उसकी प्राण देकर भी रक्षा करें
महाराज जी ने कहा कि हम जिसको भी मां कहते हैं, आज उसकी हालत ठीक नहीं है। चाहे वह गंगा मां हों, यमुना मां हों या गौ माता। मध्य प्रदेश में गौ माता सड़कों पर बैठी नजर आ जाएंगी। पत्नी के आने के बाद हमको जन्म देने वाली मां भी घर के बाहर बैठी नजर आती है। जिसको मां कहा प्राण देकर भी उसकी रक्षा करनी चाहिए, यही भगवान श्री कृष्ण का उपदेश है।
एक गाय पालने का संकल्प ले लें तो सड़क पर नहीं दिखेगी
देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने कहा कि हर सनातनी परिवार एक गाय पालने का संकल्प ले ले तो वह सड़क पर नहीं दिखेगी। उन्होंने कहा कि हिंदुओं की बुद्धि भ्रष्ट हुई है, 5 लाख का कुत्ता पाल लेंगे पर 5 रुपए का गुड़ गाय को नहीं खिलाएंगे। उन्होंने कहा कि गौ हत्या पूरी तरीके से बंद होनी चाहिए। गौ माता की खून का एक बूँद भी इस भूमि पर नहीं गिरनी चाहिए। यह संभव होगा सरकार के कदम उठाने से।
गृहस्थ अपने धर्म का निर्वहन ईमानदारी से करें
महाराज जी ने प्रसंग के दौरान कहा कि गृहस्थ श्रेष्ठ है तो वह भगवान का भी मां-बाप बन सकता है। गृहस्थ को अपने धर्म का निर्वहन ईमानदारी से करना चाहिए। मिलावट ना करें। मिलावट करेंगे तो गड़बड़ हो जाएगा।
परोपकारी के घर ही होता है आनंद का वास
देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने कहा हमेशा परोपकार करते रहना चाहिए। परोपकारी के घर ही आनंद का वास होता है। जो केवल अपने बारे में सोचते हैं उनके घर आनंद का बसेरा नहीं होता। पैसा कितना भी हो उसे दुख घेर लेता है। सुख पाने के लिए दूसरों को सुख देना सीखें।
पहले भगवान को भोग लगाएं फिर बुजुर्गों को भोजन कराएं
महाराज जी ने कहा कि घर में भोजन बनने के बाद सबसे पहले भगवान को भोग लगाना चाहिए। उसके बाद बुजुर्ग फिर बच्चों को भोजन कराएं। अंत में अन्नपूर्णा ( जो भोजन बनाता है ) को ग्रहण करना चाहिए। जब तक वह भोजन नहीं कर लेगी वह बढ़ता रहेगा। चाहे कितने भोजन लोग भोजन कर लें।
सीख : बिस्तर पर बैठकर भगवान का नाम ना लें
युवा बिना पैर धोए भोजन न करें, पैर बिना धोए और उसे सुखाए सोना नहीं चाहिए। ऐसा करने से रात में बुरे सपने नहीं आएंगे। किशोरों को चाहिए कि वह सोने से पहले 11 या 21 बार भगवान का नाम जरूर लें। ध्यान रखें कि बिस्तर पर बैठकर भगवान का नाम ना लें। नाम लेने से बुरे सपने से तो बचेंगे ही, हो सकता है कि स्वप्न में ठाकुर जी आ जाएं। हम जो चिंतन करते हैं वही स्वप्न में आता है।
कथा में कल
देवकी नंदन ठाकुर महाराज 18 जून को कथा में अपराह्न 03:30 बजे से उद्धव चरित्र, रुक्मिणी विवाह, रास पंचाध्यायी का प्रसंग सुनाएंगे। आयोजक देवेंद्र चौकसे, संगीता चौकसे, वीरेंद्र चौकसे, अनीता चौकसे और समस्त शालिग्राम परिवार ने श्रद्धालुओं से कथा में शामिल होने का आग्रह किया है।
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