
भोपाल। मध्यप्रदेश में अवैध शराब कारोबार को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने देवास प्रकरण में कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल और उनके भाई मनीष जायसवाल के कारोबारी संबंधों का हवाला देते हुए कांग्रेस नेतृत्व से जवाब मांगा है। सारंग ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को निशाने पर लेते हुए सवाल किया कि पार्टी से जुड़े लोगों के नाम बार-बार अवैध शराब के मामलों में क्यों सामने आ रहे हैं। उन्होंने इस पूरे नेटवर्क के पीछे राजनीतिक संरक्षण होने की आशंका भी जताई है।
टिमरनी की शराब दुकान से जुड़ा राहुल जायसवाल का नाम
मंत्री विश्वास सारंग के मुताबिक, देवास अवैध शराब मामले के तार टिमरनी की एक शराब दुकान से जुड़े हैं। इस दुकान में कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल और उनके भाई मनीष जायसवाल की साझेदारी है। सारंग ने बताया कि दुकान के मैनेजर भूपेंद्र राणा ने पुलिस को इस मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर उन्होंने राहुल जायसवाल की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
जीतू पटवारी के करीबी बताए जाते हैं राहुल जायसवाल
विश्वास सारंग ने राहुल जायसवाल के राजनीतिक संबंधों का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, राहुल खातेगांव विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के प्रभारी हैं और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के करीबी माने जाते हैं। मंत्री ने कहा कि इस मामले में कांग्रेस नेतृत्व को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने पटवारी से इस प्रकरण पर सार्वजनिक रूप से जवाब देने की अपेक्षा जताई।
अमन कासलीवाल का नाम आने का भी किया जिक्र
सारंग ने देवास के एक अन्य अवैध शराब प्रकरण का हवाला देते हुए कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के बेटे अमन कासलीवाल की संलिप्तता सामने आने की बात कही। उन्होंने कहा कि अलग-अलग मामलों में कांग्रेस नेताओं और उनसे जुड़े लोगों के नाम सामने आना गंभीर विषय है। इससे प्रदेश में अवैध शराब के कारोबार के राजनीतिक संबंधों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
अवैध शराब की कमाई से कांग्रेस के खर्च चलने पर सवाल
कैबिनेट मंत्री ने अवैध शराब कारोबार के पीछे सक्रिय नेटवर्क और उसे मिलने वाले कथित संरक्षण पर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि आखिर इस कारोबार को किसका समर्थन हासिल है और क्या इसमें कांग्रेस नेताओं की भूमिका है? सारंग ने कांग्रेस की फंडिंग को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने आशंका जताई कि अवैध शराब से होने वाली कमाई का इस्तेमाल कहीं कांग्रेस प्रदेश कार्यालय के बिजली बिल, पार्टी के धरने-प्रदर्शनों और दूसरे खर्चों में तो नहीं किया जा रहा है।
डीजी उपेंद्र जैन कर रहे मामले की जांच
मंत्री विश्वास सारंग ने जानकारी दी कि पूरे प्रकरण की जांच डीजी उपेंद्र जैन कर रहे हैं। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले की स्थिति स्पष्ट होगी। उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़ने की मांग की। सारंग के मुताबिक, कांग्रेस को अपने नेताओं और पदाधिकारियों के नाम ऐसे मामलों में सामने आने पर राजनीतिक और नैतिक जिम्मेदारी निभाते हुए जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए।
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