
भोपाल। देवास में थाना प्रभारी दिलीप पुरी को वाहन से कुचलने के मामले में पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। आईशर वाहन चालक गजेन्द्र उर्फ अक्कू ने पुलिस अभिरक्षा से भागने का प्रयास किया, जिसके बाद देवास के बरोठा थाना क्षेत्र में उसका शॉर्ट एनकाउंटर हुआ। मामले में दो वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी पर अलग-अलग 10-10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
उधर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अवैध शराब और ड्रग्स के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए प्रदेशव्यापी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश को वर्ष 2029 तक नशा मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है और शराब माफिया के खिलाफ पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी होगी।
गजेन्द्र उर्फ अक्कू ने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की
देवास में थाना प्रभारी की मौत से जुड़े मामले में आईशर वाहन चालक गजेन्द्र उर्फ अक्कू की पुलिस से मुठभेड़ हुई। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी ने अभिरक्षा से भागने का प्रयास किया था। यह घटना देवास के पास बरोठा थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए कार्रवाई की, जो शॉर्ट एनकाउंटर में बदल गई।
शराब माफिया के खिलाफ प्रदेशभर में कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अवैध शराब के परिवहन, भंडारण और खरीद-बिक्री को रोकना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए पूरे प्रदेश में एक साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को शराब माफिया के खिलाफ बिना किसी दबाव के कठोर कार्रवाई करने और अपराधियों की गिरफ्तारी का अभियान जारी रखने को कहा है।
देवास मामले में राहुल जायसवाल समेत कई आरोपियों पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने देवास की घटना का जिक्र करते हुए बताया कि थाना प्रभारी से जुड़ी दुखद घटना की जानकारी मिलते ही राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल को तत्काल घटनास्थल पर भेजा गया था। उनके मुताबिक, स्पेशल डीजी उपेन्द्र जैन भी उनके निर्देश पर मौके पर पहुंचे थे। उनके मार्गदर्शन में मामले की जांच की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि:
अवैध शराब नेटवर्क के मुख्य सरगना राहुल जायसवाल को गिरफ्तार किया गया है।
आईशर वाहन चालक और वाहन मालिक को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
आबकारी अधिकारी अमर सिंह बघेल को निलंबित किया गया है।
दो वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी पर अलग-अलग 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
शहीद TI की पत्नी को मिलेगी SI की नौकरी, परिवार को 1 करोड़ की सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवास की घटना से प्रभावित परिवार के प्रति सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने मंगलवार को शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर सरकार की ओर से संवेदनाएं व्यक्त की थीं। सरकार ने शहीद थाना प्रभारी दिलीप पुरी के परिवार की सहायता के लिए दो महत्वपूर्ण फैसले किए हैं।
उनकी पत्नी को उप निरीक्षक (SI) के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जा रही है।
पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस जवानों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि अवैध गतिविधियों और शराब माफिया के खिलाफ पुलिस हमेशा मजबूती से खड़ी रहेगी।
प्रधानमंत्री मोदी के नशा विरोधी अभियान के अनुरूप तैयारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2029 तक ड्रग माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई का लक्ष्य निर्धारित किया है। भारत सरकार की अपेक्षाओं के अनुरूप मध्यप्रदेश में भी नशे के कारोबार को खत्म करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की जा रही है।
उन्होंने बताया कि शराब और ड्रग माफिया के नेटवर्क को खत्म करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों का समूह काम कर रहा है। इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
2029 तक मध्यप्रदेश को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने पहले दस्यु समस्या और फिर नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाकर बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। उनके मुताबिक, प्रदेश में निर्धारित समय-सीमा के भीतर नक्सलवाद का खात्मा किया गया। अब पुलिस के सामने नशे और अवैध शराब के कारोबार को समाप्त करने की चुनौती है।
इस अभियान में सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की अहम भूमिका रहेगी। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना को भी ऐसे मामलों में योजनाबद्ध तरीके से लगातार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
दीपावली पर खतरनाक पटाखों और कार्बाइड गन पर रोक
दीपावली को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने प्रतिबंधित विस्फोटक सामग्री के इस्तेमाल पर रोक लगाने की बात कही। अभिभावकों से विशेष अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को खतरनाक कार्बाइड गन और जोखिम भरे पटाखों से दूर रखें।
सरकार का जोर त्योहार के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के साथ अवैध शराब, मादक पदार्थों और दूसरे गैरकानूनी कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण रखने पर है।
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