
भोपाल। देवास जिले के खातेगांव में अवैध शराब तस्करी रोकने पहुंची पुलिस टीम को बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। चेकिंग के दौरान तस्करी में इस्तेमाल हो रहे आयशर ट्रक की चपेट में आने से थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत हो गई।
आरोपी चालक पुलिस की पकड़ में आने के बजाय वाहन लेकर भाग निकला। पुलिस ने ट्रक से करीब 298 पेटी अवैध शराब बरामद की है। घटना के बाद देवास एसपी आदित्य मिश्रा और कलेक्टर नेहा मीणा मौके पर पहुंचे।
हाईवे पर चेकिंग के दौरान हुआ जानलेवा हादसा
घटना इंदौर-बैतूल हाईवे पर उस समय हुई, जब अवैध शराब की तस्करी की सूचना मिलने के बाद खातेगांव पुलिस ने वाहन की जांच शुरू की थी। थाना प्रभारी दिलीप पुरी पुलिस टीम के साथ मौके पर मौजूद थे।
पुलिस के अनुसार, पुरी ने आयशर वाहन के चालक को नीचे उतरने के लिए कहा। इसी दौरान चालक ने ट्रक को डिवाइडर पर चढ़ा दिया और आगे बढ़ा दिया। इसकी चपेट में आने से थाना प्रभारी गंभीर रूप से घायल हो गए।
दो घंटे तक चला उपचार, डॉक्टर नहीं बचा सके जान
हादसे के तुरंत बाद दिलीप पुरी को अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए करीब दो घंटे तक CPR और अन्य उपचार किया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।
घटना के बाद पुलिस महकमे में शोक का माहौल है। खातेगांव थाने में उनके सम्मान में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी।
संदलपुर में ट्रक छोड़कर भागा चालक, 298 पेटी शराब मिली
हादसे को अंजाम देने के बाद चालक ट्रक लेकर संदलपुर पहुंचा और वहां वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने वाहन की तलाशी ली तो उसमें से करीब 298 पेटी शराब बरामद हुई।
देवास एसपी आदित्य मिश्रा रात करीब 3:30 बजे खातेगांव पहुंचे। कलेक्टर नेहा मीणा भी घटनास्थल पर पहुंचीं। पुलिस फरार चालक की तलाश कर रही है और पूरे मामले की जांच जारी है।
मिनी ट्रक में बनाया था शराब छिपाने का गुप्त कम्पार्टमेंट
आबकारी उपनिरीक्षक पूजा गेहलोत के मुताबिक, तस्करी के लिए मिनी ट्रक में विशेष कम्पार्टमेंट तैयार किया गया था। इसके निचले हिस्से में शराब रखी गई थी, जबकि ऊपर से देखने पर वाहन खाली दिखाई देता था।
शराब को टिमरनी क्षेत्र से खातेगांव की तरफ अवैध रूप से लाया जा रहा था। गेहलोत ने बताया कि वाहन के पास किसी तरह का परमिट नहीं था।
टिमरनी, हरदा और नेमावर पुलिस भी कर रही थी पीछा
आबकारी उपनिरीक्षक पूजा गेहलोत के अनुसार, तस्करी की पुख्ता सूचना मिलने के बाद टिमरनी, हरदा और नेमावर पुलिस की टीमें भी संदिग्ध ट्रक का पीछा कर रही थीं।
इसी सूचना के आधार पर खातेगांव थाना प्रभारी ने हाईवे पर चेकिंग की जिम्मेदारी संभाली थी। मामले में स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
शिक्षक की नौकरी छोड़ पुलिस सेवा में आए थे दिलीप पुरी
दिलीप पुरी मूल रूप से धार जिले के राजोद थाना क्षेत्र के बरमंडल गांव के निवासी थे। उनका परिवार वर्तमान में इंदौर में रहता है। परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं।
पुरी ने अपने करियर की शुरुआत शिक्षक के रूप में की थी। बाद में उन्होंने पुलिस विभाग में सेवा शुरू की और थाना प्रभारी बने।
करीब दो महीने पहले ही उनका सतवास थाने से खातेगांव थाने में तबादला हुआ था। उनकी मौत की खबर से बरमंडल स्थित पैतृक घर में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पैतृक गांव बरमंडल में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
दिलीप पुरी के पार्थिव शरीर की पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें खातेगांव थाने ले जाया जाएगा। यहां पुलिसकर्मी और अधिकारी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को धार जिले के पैतृक गांव बरमंडल ले जाया जाएगा, जहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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