सोमवार, 02 नवंबर 2026
Logo
Madhaya Pradesh

TI दिलीप पुरी मौत मामला: परिवार को 1 करोड़ की सहायता और पत्नी को मिलेगी नौकरी, CM मोहन यादव ने की घोषणा

02 नव, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
TI दिलीप पुरी मौत मामला: परिवार को 1 करोड़ की सहायता और पत्नी को मिलेगी नौकरी, CM मोहन यादव ने की घोषणा
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव में अवैध शराब की तस्करी रोकने के दौरान थाना प्रभारी दिलीप पुरी की जान चली गई। संदिग्ध शराब से भरे आयशर वाहन को रोकने की कोशिश में वाहन का पिछला पहिया उनके ऊपर से गुजर गया। गंभीर रूप से घायल थाना प्रभारी को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें बचाया नहीं जा सका। घटना के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शोक व्यक्त करते हुए उनके परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और पत्नी को उप निरीक्षक (SI) के पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने के निर्देश दिए हैं। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन को घटनास्थल पर भेजा गया है।


मध्य प्रदेश में ड्यूटी के दौरान पुलिस अधिकारी की मौत की इस घटना ने पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और प्रदेश में अवैध शराब के कारोबार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


क्या है पूरा मामला? शराब तस्करी की सूचना पर निकली थी पुलिस टीम

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, देवास जिले में पुलिस को सूचना मिली थी कि हरदा की तरफ से एक संदिग्ध वाहन में अवैध शराब ले जाई जा रही है। यह शराब इंदौर के रास्ते गुजरात पहुंचाई जाने की आशंका थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने संदिग्ध वाहन को पकड़ने के लिए अलग-अलग टीमें लगाई थीं। इसी कार्रवाई के तहत खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी अपनी टीम के साथ इंदौर-बैतूल हाईवे और नेमावर रोड क्षेत्र में वाहनों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान एक संदिग्ध आयशर वाहन को रोकने की कोशिश की गई।


ड्राइवर ने डिवाइडर पर चढ़ाया वाहन, पिछले पहिये के नीचे आए TI

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, थाना प्रभारी दिलीप पुरी ने आयशर वाहन को रुकवाकर उसके चालक को नीचे उतरने के लिए कहा। इसी दौरान चालक ने वाहन आगे बढ़ा दिया और डिवाइडर पर चढ़ाकर निकलने की कोशिश की। इस घटनाक्रम में दिलीप पुरी नीचे गिर गए और वाहन का पिछला पहिया उनके ऊपर से गुजर गया। हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिसकर्मी उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए सीपीआर सहित जरूरी उपचार किया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना के बाद पुलिस विभाग में शोक की लहर है। 


ट्रक से बरामद हुई शराब, तस्करी के नेटवर्क की जांच शुरू

घटना के बाद पुलिस ने संदिग्ध आयशर वाहन को जब्त कर लिया। जांच में वाहन के अंदर शराब की पेटियां मिलने की जानकारी सामने आई है। द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, शराब की पेटियां वाहन में बने एक गुप्त हिस्से में रखी गई थीं। आबकारी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, वाहन के पास शराब परिवहन का वैध परमिट भी नहीं मिला।


पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि शराब कहां से लाई गई थी, इसकी सप्लाई किसे की जानी थी और इस पूरे कारोबार में किन लोगों की भूमिका है। इंडियन एक्सप्रेस की 2 नवंबर की दोपहर प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है और ट्रक जब्त कर लिया गया है। हालांकि, तस्करी के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी है। 


2007 बैच के सब इंस्पेक्टर थे दिलीप पुरी

थाना प्रभारी दिलीप पुरी वर्ष 2007 बैच के सब इंस्पेक्टर थे। वे खातेगांव थाना प्रभारी के रूप में पदस्थ थे। उनके निधन से पुलिस विभाग में शोक का माहौल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे मूल रूप से धार जिले के राजोद थाना क्षेत्र के बरमंडल गांव के निवासी थे। उनके परिवार के इंदौर में रहने की जानकारी भी सामने आई है। 


मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया मुआवजे और अनुकंपा नियुक्ति का ऐलान

थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत की जानकारी सामने आने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि देवास जिले के खातेगांव में कर्तव्य निर्वहन करते हुए थाना प्रभारी दिलीप पुरी के दिवंगत होने का समाचार अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। उन्होंने दिवंगत पुलिस अधिकारी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने मामले की जांच के लिए स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन को तत्काल घटनास्थल पर रवाना करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री ने दिवंगत थाना प्रभारी की पत्नी को पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर (SI) के पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने और परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अपने संदेश में बाबा महाकाल से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।


घटना ने खड़े किए अवैध शराब कारोबार पर सवाल

देवास जिले में थाना प्रभारी की मौत की यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब जिले में अवैध शराब के कारोबार को लेकर पहले से ही कार्रवाई और विवाद चर्चा में हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर और अक्टूबर में देवास जिले में संदिग्ध जहरीली शराब से 13 लोगों की मौत के बाद अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई थी।


अब शराब तस्करी रोकने के अभियान के दौरान एक पुलिस अधिकारी की जान जाने से जिले में सक्रिय शराब तस्करी के नेटवर्क पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले में पुलिस और आबकारी विभाग की जांच से ही स्पष्ट होगा कि शराब की खेप का स्रोत क्या था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे। 



पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें