
भोपाल। देवास जिले के खातेगांव में अवैध शराब पकड़ने की कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने दिवंगत टीआई के परिवार को 1 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता देने और उनकी पत्नी को सब इंस्पेक्टर (SI) के पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच होगी। लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उधर, आबकारी विभाग ने निलंबन की कार्रवाई की है और पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के मुख्य आरोपी राहुल जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है।
आबकारी अधिकारी अमर सिंह बघेल निलंबित, दो आरक्षक भी हटाए गए
देवास की घटना में निगरानी और निरीक्षण में लापरवाही सामने आने पर आबकारी विभाग ने कार्रवाई की है। हरदा जिले के टिमरनी वृत्त में पदस्थ सहायक जिला आबकारी अधिकारी अमर सिंह बघेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्रारंभिक स्तर पर कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही और अवैध मदिरा परिवहन की निगरानी में शिथिलता पाए जाने के बाद यह निर्णय लिया गया। कार्रवाई की जद में दो आरक्षक भी आए हैं। अरुण कुमरे और कृष्णपाल सिंह डोडियार को भी निलंबित किया गया है।
पाटेन्द्र जायसवाल की तीन शराब दुकानों के लाइसेंस निलंबित
आबकारी विभाग ने लाइसेंसी पाटेन्द्र जायसवाल के नाम से संचालित टिमरनी क्षेत्र की तीन मदिरा दुकानों के लाइसेंस भी निलंबित कर दिए हैं।
इनमें शामिल दुकानें हैं:
सोडलपुर रोड, टिमरनी
रहटगांव
हरदा रोड, टिमरनी
अवैध शराब के परिवहन से जुड़े मामले में विभागीय निगरानी व्यवस्था की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
राहुल जायसवाल निकला अवैध शराब नेटवर्क का मुख्य सरगना
खातेगांव में अवैध शराब से भरे वाहन को रोकने की कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस की अलग-अलग टीमों ने दबिश देकर शराब से भरे वाहन को पकड़ लिया। मामले में खातेगांव थाने में आबकारी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। जांच के दौरान राहुल जायसवाल निवासी टिमरनी, जिला हरदा को अवैध शराब नेटवर्क का मुख्य संचालक बताया गया है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
टिमरनी से गुजरात भेजी जा रही थी अवैध शराब
जांच में सामने आया कि शराब से भरा वाहन टिमरनी से गुजरात ले जाया जा रहा था। वाहन को अलीराजपुर निवासी गजेन्द्र उर्फ अक्कु रावत चला रहा था। पुलिस के मुताबिक, यह वाहन उसे अलीराजपुर निवासी केरम सिंह चांगोड़ ने उपलब्ध कराया था। केरम सिंह को भी अभिरक्षा में लिया गया है।
शराब कारोबार में चार लोगों की हिस्सेदारी का खुलासा
जांच में शराब ठेके की साझेदारी से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है। शराब का ठेका बड़वानी निवासी पाटेन्द्र जायसवाल के नाम पर है।
इस कारोबार में हिस्सेदारी का ब्योरा इस प्रकार बताया गया है:
राहुल जायसवाल – 30 प्रतिशत
मनीष जायसवाल – 30 प्रतिशत
मोहिन जायसवाल – 30 प्रतिशत
पाटेन्द्र जायसवाल – 10 प्रतिशत
पुलिस के अनुसार, राहुल जायसवाल तीनों दुकानों से अवैध शराब की सप्लाई का नेटवर्क संचालित कर रहा था।
विजय राव भी गिरफ्तार, पूरे नेटवर्क की जांच जारी
इस प्रकरण में इंदौर निवासी विजय राव को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। राहुल जायसवाल को मुख्य सरगना के रूप में चिह्नित कर पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। मामले में वाहन चालक, उसे उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति और शराब कारोबार से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आने के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है।
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