
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे डॉ. ढाल सिंह बिसेन अब उत्तराखंड के राज्यपाल की जिम्मेदारी संभालेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को उनकी नियुक्ति के साथ पांच अन्य राज्यपालों की नई जिम्मेदारियों का भी ऐलान किया।
सिवनी के पिपरिया गांव से आने वाले बिसेन चार बार विधायक चुने जा चुके हैं। वे कैबिनेट मंत्री, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष और बालाघाट से लोकसभा सांसद की भूमिका भी निभा चुके हैं।
छह राज्यों में राज्यपालों की नई जिम्मेदारियां
राष्ट्रपति के फैसले के तहत छह राज्यों के राज्यपालों की नियुक्ति और पदस्थापना में बदलाव किया गया है। इस व्यवस्था में केरल और सिक्किम के मौजूदा राज्यपालों को भी दूसरे राज्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नई नियुक्तियों का विवरण इस प्रकार है:
- उत्तराखंड: डॉ. ढाल सिंह बिसेन
- केरल: ओम प्रकाश माथुर
- तमिलनाडु: राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर
- ओडिशा: ब्रज मोहन राम
- कर्नाटक: डॉ. सुधा यादव
- सिक्किम: दुष्यंत गौतम
बालाघाट से संसद तक पहुंचा था बिसेन का राजनीतिक सफर
डॉ. ढाल सिंह बिसेन का राजनीतिक सफर मध्य प्रदेश की विधानसभा से लेकर संसद तक रहा है। वे चार बार विधायक निर्वाचित हुए और राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री के पद पर भी काम किया।
राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष के रूप में भी उनकी जिम्मेदारी रही है। सिवनी जिले के पिपरिया गांव में जन्मे बिसेन को भाजपा ने वर्ष 2019 में बालाघाट लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा था।
चुनाव जीतने के बाद वे 17वीं लोकसभा के सदस्य बने और 2024 तक सांसद रहे। अब उन्हें उत्तराखंड के राज्यपाल का दायित्व सौंपा गया है।
कार्यभार संभालने के साथ लागू होंगी नियुक्तियां
राष्ट्रपति की ओर से घोषित सभी नियुक्तियां संबंधित राज्यपालों के पदभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होंगी। यानी नई जिम्मेदारियों का औपचारिक प्रभाव कार्यभार संभालने के साथ शुरू होगा।
इस फेरबदल में अलग-अलग राज्यों के लिए नए नाम तय किए गए हैं। डॉ. ढाल सिंह बिसेन की नियुक्ति मध्य प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य से जुड़े एक नेता को संवैधानिक पद पर नई जिम्मेदारी मिलने के रूप में भी सामने आई है।
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