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मिशन ‘सक्षम आंगनवाड़ी' में डिजिटल क्रांति, पोषण सेवाओं में दर्ज हुई ऐतिहासिक उपलब्धि

17 अप्रैल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मिशन ‘सक्षम आंगनवाड़ी' में डिजिटल क्रांति, पोषण सेवाओं में दर्ज हुई ऐतिहासिक उपलब्धि
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्यप्रदेश में 'मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0' अंतर्गत कुपोषण के विरुद्ध अभियान ने पिछले एक वर्ष में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। पोषण ट्रैकर के माध्यम से की जा रही रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के चलते राज्य ने पिछले वर्ष (मार्च 2025) की तुलना में इस वर्ष (मार्च 2026) सभी प्रमुख स्वास्थ्य और पोषण संकेतकों में बड़ी छलांग लगाई है।


डिजिटल पहचान: एक साल में बदली तस्वीर

प्रगति डिजिटल स्वास्थ्य पहचान में उल्लेखनीय प्रगति हुई। जहाँ मार्च 2025 में 'आभा' आईडी निर्माण की उपलब्धि मात्र 7.21% थी, वह मार्च 2026 में बढ़कर 80.87% पहुँच गई है। बच्चों के लिए अनिवार्य 'अपार' आईडी निर्माण भी 32.12% से बढ़कर अब 92.60% हो गया है, जो राज्य की डिजिटल सक्रियता को दर्शाता है।


जमीनी स्तर पर सेवा वितरण में सुधार

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा की जाने वाली गृह भेंट (होम विजिट), जो पिछले वर्ष 91.65% थी, अब 98.44% के साथ लगभग शत-प्रतिशत के स्तर पर पहुँच गई है। स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी माने जाने वाले ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस के आयोजनों में भी पिछले वर्ष के 73.43% के मुकाबले इस वर्ष 93.33% की बड़ी उपलब्धि हासिल की गई है।


पारदर्शिता और सटीकता का नया पैमाना

लाभार्थियों के सत्यापन के लिए उपयोग किए जाने वाले आधार फेस मैचिंग (एफआरएस) में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पिछले वर्ष जहाँ केवल 31.93% लाभार्थियों का सत्यापन डिजिटल रूप से हो पाया था, इस वर्ष यह आंकड़ा 95% को पार कर गया है। इससे राशन और पोषण आहार के वितरण में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।


सामुदायिक सहभागिता और भविष्य का संकल्प

सामुदायिक आधारित गतिविधियों (सीबीई) में भी 88% से बढ़कर 96.97% तक की वृद्धि दर्ज की गई है। यह प्रगति डेटा-आधारित सटीक फैसलों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्पण का परिणाम है।

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