
भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की महाकाल से अयोध्या तक प्रस्तावित पदयात्रा को लेकर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश केसवानी ने उन्हें निशाने पर लेते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह का सार्वजनिक जीवन धार्मिक विषयों पर लगातार विवादित रहा है। इसी वजह से धर्म यात्रा के बजाय उन्हें आत्ममंथन करने की जरूरत है।
धर्म यात्रा पर भाजपा का सवाल
डॉ. दुर्गेश केसवानी ने कहा कि दिग्विजय सिंह ने अपने राजनीतिक जीवन में बार-बार ऐसी बातें कीं, जिनसे सनातन पर सवाल खड़े हुए। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि "धूल चेहरे पर थी और वे आइना साफ करते रहे।" केसवानी ने कहा कि दिग्विजय सिंह को धर्म यात्रा निकालने के बजाय "पश्चाताप यात्रा" करनी चाहिए।
राम मंदिर और भगवान राम को लेकर भी घेरा
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह ने भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए थे। उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के समय भी उन्होंने प्रश्नचिह्न लगाने का प्रयास किया था।
पुराने बयानों का किया जिक्र
डॉ. दुर्गेश केसवानी ने कहा कि दिग्विजय सिंह ने कभी जाकिर नायक को "शांति का दूत" बताया था। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने भगवा रंग में आतंकवाद दिखाई देता है। उनका कहना था कि दिग्विजय सिंह ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में सनातन धर्म के खिलाफ बयान दिए और धर्म विरोधी विषयों को प्राथमिकता दी।
विशेष वर्ग की राजनीति का आरोप
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह एक विशेष वर्ग को खुश करने के उद्देश्य से लगातार राजनीतिक कदम उठाते रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के ही कुछ नेताओं द्वारा दिग्विजय सिंह को "स्लीपर सेल" तक कहा जा चुका है। केसवानी ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अब उनके पास अब राजनीति छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
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