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दिग्विजय सिंह की सनातन यात्रा पर डॉ. दुर्गेश केसवानी का तीखा हमला, बोले- पश्चाताप यात्रा निकालें, सनातन को बदनाम करने वाले अब स्वाभिमान की बात कर रहे

19 अक्टू, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
दिग्विजय सिंह की सनातन यात्रा पर डॉ. दुर्गेश केसवानी का तीखा हमला, बोले- पश्चाताप यात्रा निकालें, सनातन को बदनाम करने वाले अब स्वाभिमान की बात कर रहे
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की प्रस्तावित ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ शुरू होने से पहले ही प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। दिग्विजय सिंह की यह यात्रा 20 अक्टूबर 2026 को उज्जैन से शुरू होकर अयोध्या तक जाने के लिए प्रस्तावित है।


भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश केसवानी ने यात्रा को लेकर तीखा तंज कसते हुए कहा कि सनातन को सबसे ज्यादा बदनाम करने वाला व्यक्ति आज सनातन यात्रा निकाल रहा है। उन्होंने दिग्विजय सिंह के पुराने बयानों और राम मंदिर से जुड़े उनके रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सनातन स्वाभिमान यात्रा के बजाय पश्चाताप यात्रा निकालनी चाहिए।


‘राम मंदिर के भूमि पूजन पर सवाल उठाने वाले आज सनातन स्वाभिमान की बात कर रहे’

डॉ. दुर्गेश केसवानी ने दिग्विजय सिंह के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम और राम सेतु को लेकर सवाल खड़े करने वाली कांग्रेस की राजनीति पर भी चर्चा होनी चाहिए। उनके मुताबिक, जो नेता आज सनातन स्वाभिमान की बात कर रहे हैं, उन्हें पहले अपने पुराने बयानों पर जवाब देना चाहिए।


दरअसल, अगस्त 2020 में अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन से पहले दिग्विजय सिंह ने 5 अगस्त की तिथि को शुभ मुहूर्त के लिहाज से अनुचित बताया था और समारोह स्थगित करने की मांग की थी। 


‘सनातन यात्रा नहीं, पश्चाताप यात्रा निकालें दिग्विजय सिंह’

डॉ. केसवानी ने कहा कि दिग्विजय सिंह को सनातन स्वाभिमान यात्रा निकालने के बजाय पश्चाताप यात्रा निकालनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राम मंदिर के भूमि पूजन के समय दिग्विजय सिंह ने शुभ मुहूर्त को लेकर सवाल खड़े किए थे, तब उनकी सनातन परंपराओं के प्रति समझ कहां थी?


भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सनातन धर्म करोड़ों लोगों की आस्था और विश्वास का विषय है। ऐसे में धार्मिक परंपराओं और आस्थाओं पर दिए गए पुराने बयानों को नजरअंदाज करके नई यात्रा के जरिए अपनी बात रखना सवालों से परे नहीं हो सकता।


सनातन कोई राजनीतिक ढाल नहीं

डॉ. दुर्गेश केसवानी ने कहा कि, “सनातन कोई राजनीतिक ढाल नहीं है, जिसे जब चाहो अपने स्वार्थ के लिए ओढ़ लो। वर्षों तक सनातन की आस्था और भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस आज सनातन स्वाभिमान की बात कर रही है। यह बदलाव नहीं, बल्कि जनता के सामने खड़े सवालों से बचने की कोशिश है। दिग्विजय सिंह को यात्रा निकालने से पहले देश के करोड़ों रामभक्तों को यह बताना चाहिए कि राम मंदिर के भूमि पूजन पर उन्होंने सवाल क्यों उठाए थे? राम सेतु के मुद्दे पर कांग्रेस की भूमिका को लेकर उठे विवादों पर उनका क्या कहना है? सनातन करोड़ों लोगों की श्रद्धा, संस्कृति और जीवन पद्धति है, कोई राजनीतिक मंच नहीं। दिग्विजय सिंह को सनातन स्वाभिमान यात्रा के बजाय पश्चाताप यात्रा निकालकर अपने पुराने बयानों पर जनता को जवाब देना चाहिए।”

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