भोपाल। एम्स भोपाल चिकित्सा शिक्षा, रोगी सेवाओं और शोध के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त पहचान बना रहा है। इसी क्रम में, एम्स भोपाल के बाल रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. गिरिश चंद्र भट्ट को 13–14 दिसंबर 2025 को आयोजित 56वें एमपी पीडिकॉन (मध्य प्रदेश पीडियाट्रिक कॉन्फ्रेंस)-2025 के समापन समारोह में प्रतिष्ठित डॉ. के. के. कौल स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।
यह सम्मेलन इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (IAP), मध्य प्रदेश के तत्वावधान में आयोजित किया गया। यह सम्मान IAP के राष्ट्रीय अध्यक्ष (2025) डॉ. वसंत एम. खलाटकर, राष्ट्रीय अध्यक्ष-निर्वाचित (2026) डॉ. नीलम मोहन तथा सेंट्रल IAP और IAP मध्य प्रदेश के वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति में प्रदान किया गया। डॉ. के. के. कौल की स्मृति में स्थापित यह स्वर्ण पदक उन विशिष्ट चिकित्सा शिक्षकों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने शिक्षण, मार्गदर्शन, नैदानिक सेवाओं, शोध तथा बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय और बहुआयामी योगदान दिया हो।
डॉ. भट्ट को बाल रोग शिक्षा, नैदानिक सेवाओं और शोध में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उनकी शैक्षणिक रुचियों में बाल्यावस्था उच्च रक्तचाप, एम्बुलेटरी ब्लड प्रेशर नॉर्मोग्राम का विकास, ट्यूब्यूलर विकारों की जेनेटिक्स, पीडियाट्रिक रजिस्ट्रियां, क्रिटिकल केयर नेफ्रोलॉजी और एविडेंस-बेस्ड मेडिसिन शामिल हैं। उन्होंने 150 से अधिक शोध प्रकाशन और 18 पुस्तक अध्याय लिखे हैं।
उनके नैदानिक योगदानों में मध्य प्रदेश की पहली समर्पित पीडियाट्रिक डायलिसिस यूनिट की स्थापना और एम्स भोपाल में डीएम पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजी कार्यक्रम की शुरुआत शामिल है। उन्होंने मैकगिल यूनिवर्सिटी (McGill University) के साथ ISN सिस्टर रीनल सेंटर प्रोग्राम के अंतर्गत महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय सहयोग स्थापित करने में अग्रणी भूमिका निभाई। इस सहयोग के परिणामस्वरूप, केंद्र सफलतापूर्वक लेवल ए (Level A) से स्नातक हुआ और अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रतिष्ठित ISN श्रायर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने संस्थान में डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ रिसर्च टेक्निकल रिसोर्स सेंटर के विकास के माध्यम से शोध क्षमता को सुदृढ़ करने में भी योगदान दिया। सम्मान स्वीकार करते हुए डॉ. भट्ट ने विभागीय संकाय सदस्यों, विद्यार्थियों और रोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा एम्स भोपाल प्रशासन के निरंतर प्रोत्साहन और सहयोग की सराहना की।
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