
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के विकास और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 8,225 करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें सिंचाई परियोजनाओं के लिए 3,378.69 करोड़, कैम्पा निधि से वन संरक्षण कार्यों के लिए 2,050.03 करोड़ और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1,743.58 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रमुख है।
कैबिनेट के प्रमुख फैसले
- सिंचाई परियोजनाओं को ₹3,378.69 करोड़: छिंदवाड़ा, मुरैना और सागर की प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं के संचालन एवं निर्माण कार्यों की निरंतरता के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक राशि मंजूर की गई।
- छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स को ₹2,611.13 करोड़: परियोजना के माध्यम से 1.90 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों से पानी पहुंचाने का लक्ष्य है।
- पेंच व्यपवर्तन परियोजना को ₹197 करोड़: छिंदवाड़ा और सिवनी में कृषि के लिए जल उपलब्ध कराने तथा सिंचाई क्षमता विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
- मुरैना की चेंटीखेड़ा परियोजना को ₹531.15 करोड़: बांध और सिंचाई प्रणाली के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए राशि स्वीकृत की गई।
- सागर की पंचमनगर परियोजना को ₹39.41 करोड़: पाइप प्रणाली के माध्यम से सागर और दमोह जिलों के 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
- वन संरक्षण के लिए ₹2,050.03 करोड़: कैम्पा निधि से क्षतिपूर्ति पौधारोपण, बिगड़े वनों के सुधार, नदी पुनर्जीवन, मृदा एवं जल संरक्षण, वन्यजीवों के रहवास विकास और नगर वनों की स्थापना जैसे कार्य किए जाएंगे।
- स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ₹1,743.58 करोड़: लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की योजनाओं को 2030-31 तक निरंतर संचालित करने के लिए स्वीकृति दी गई।
- सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण को ₹651.25 करोड़: दिव्यांगजन सेवाओं, दृष्टि एवं श्रवण बाधित संस्थानों, स्वावलंबन केंद्रों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं के संचालन के लिए राशि मंजूर की गई।
- चार नए जिलों में शिक्षा कार्यालय: निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय स्थापित होंगे। प्रत्येक जिले में 17 नए पद सृजित किए जाएंगे और आउटसोर्सिंग से 8 व्यक्तियों की सेवाएं ली जाएंगी। इस पर कुल ₹16.80 करोड़ खर्च होंगे।
- आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ को ₹345.52 करोड़: स्थापना, वेतन-भत्ते, कार्यालय व्यय, प्रशासकीय भवन निर्माण और परिसंपत्तियों के रखरखाव के लिए राशि स्वीकृत की गई।
- विधि विभाग की परिसंपत्तियों के लिए ₹40 करोड़: विभागीय परिसंपत्तियों के रखरखाव की योजना को 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई।
- गेहूं बिक्री को कार्योत्तर मंजूरी: रबी विपणन वर्ष 2020-21 में मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन के माध्यम से कुल 5.8 लाख मीट्रिक टन चमकविहीन गेहूं की निविदा के जरिए बिक्री की कार्रवाई को कार्योत्तर अनुमोदन दिया गया।
पांच साल तक जारी रहेंगी कई योजनाएं
कैबिनेट के फैसलों के तहत सिंचाई, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ी कई योजनाओं को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालित किया जाएगा। इन निर्णयों का उद्देश्य कृषि सिंचाई क्षमता बढ़ाने, वन एवं जल संसाधनों के संरक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और नवगठित जिलों में प्रशासनिक सुविधाओं का विस्तार करना है।
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