भोपाल। एम्स भोपाल लगातार चिकित्सा विज्ञान और जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में सार्थक योगदान दे रहा है। इसी क्रम में एम्स भोपाल के फिज़ियोलॉजी विभाग के प्रतिष्ठित अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. वरुण मल्होत्रा को वर्ष 2025 के लिए श्री रामेंद्र सुंदर सिन्हा मेमोरियल ऑरेशन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान फिज़ियोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया (PSI) द्वारा एम्स भुवनेश्वर में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन ‘फिज़िकॉन-2025’ के दौरान प्रदान किया गया।
इस अवसर पर डॉ. मल्होत्रा ने “ए डिकेड ऑफ एक्सप्लोरेशन: इंटीग्रेटिंग योगिक प्रैक्टिसेज, एक्सरसाइज एंड टेक्नोलॉजी फॉर ऑटोनॉमिक एंड कॉग्निटिव ऑप्टिमाइजेशन” विषय पर प्रतिष्ठित ऑरेशन प्रस्तुत किया। उन्होंने दस वर्षों के शोध के आधार पर बताया कि किस प्रकार पारंपरिक योगिक पद्धतियों को आधुनिक चिकित्सा विज्ञान से जोड़कर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है। उनके व्याख्यान में देशभर से आए वरिष्ठ फिज़ियोलॉजिस्ट और विशेषज्ञ उपस्थित थे।
एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक, प्रो. (डॉ.) माधवानंद कर के मार्गदर्शन में डॉ. मल्होत्रा का शोध माइंड-बॉडी मेडिसिन के लिए वैज्ञानिक प्रमाण स्थापित करने में महत्वपूर्ण रहा है। शोध में पाया गया कि स्लो डीप ब्रीदिंग और नाड़ी शोधन जैसी धीमी, शीतल प्राणायाम तकनीकें शरीर को विश्राम देती हैं, हृदय संबंधी स्वास्थ्य सुधारती हैं और तनाव कम करती हैं। दूसरी ओर, कपालभाति तथा सूर्य नमस्कार जैसी तेज एवं ऊर्जावान तकनीकें शरीर में सतर्कता, ऊर्जा और मानसिक सक्रियता बढ़ाती हैं। शोध में आधुनिक तकनीक आधारित तरीकों जैसे ब्रेनवेव एंट्रेनमेंट को भी शामिल किया गया, जो तनाव नियंत्रण के लिए एक नया और गैर-आक्रामक विकल्प प्रदान करता है। कोविड-19 महामारी के दौरान मोबाइल ऐप आधारित योग और ध्यान कार्यक्रमों को वृद्ध जनसंख्या में चिंता, तनाव और अवसाद को कम करने में विशेष रूप से प्रभावी पाया गया। डॉ. मल्होत्रा अब तक 100 से अधिक शोध पत्र तथा 10 फिजियोलॉजी पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। शिक्षण और शोध के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें कई राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
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