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Madhaya Pradesh

वेस्टर्न डिस्टरबेंस,साइक्लोनिक सर्कुलेशन और जेट स्ट्रीम का असर,दिन और रात के तापमान में आई गिरावट

30 जन, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
वेस्टर्न डिस्टरबेंस,साइक्लोनिक सर्कुलेशन और जेट स्ट्रीम का असर,दिन और रात के तापमान में आई गिरावट

वेस्टर्न डिस्टरबेंस,साइक्लोनिक सर्कुलेशन और जेट स्ट्रीम का असर,दिन और रात के तापमान में आई गिरावट

Deepak Singh
डेस्क रिपोर्टर
Deepak Singh

भोपाल। मध्यप्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है।मौसम में पिछले कुछ दिनों से उतार चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। बारिश और ओलावृष्टि के बाद पारे में एक बार फिर से गिरावट दर्ज हुई है।वेस्टर्न डिस्टरबेंस, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और जेट स्ट्रीम हवाओं के असर से दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार को प्रदेश के अधिकतर जिलों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कमी देखी गई,साथ ही घने और मध्यम कोहरे के चलते लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा। बारिश और ओलावृष्टि से मप्र में सबसे ज्यादा नुकसान किसानों का हुआ है। खेत मे खड़ी फसल चौपट हो जाने से उन पर भारी संकट खड़ा हो गया है। 31 जनवरी से एक और स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होने जा रहा है जिसके प्रभाव से बारिश और ओले गिरने की संभावना जताई जा रही है। अगर ऐसा होता है तो मध्यप्रदेश में फरवरी की शुरुआत भी बारिश और ओलावृष्टि के साथ होगी। 

प्रदेश में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री के करीब पहुंचा 

कुछ दिनों की राहत के बाद प्रदेश के तापमान ने गुरुवार को फिर गौता लगाया।प्रदेश के 5 बड़े शहरों में राजधानी भोपाल में दिन का तापमान 20.4 डिग्री दर्ज किया गया जबकि रात का तापमान 11 डिग्री रहा। इंदौर में भी दिन का तापमान 22.2 डिग्री से रहा और रात का तापमान 10.8 डिग्री रहा। वहीं ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 11.8 डिग्री रहा।उज्जैन में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री और जबलपुर में न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री रहा। 31 जनवरी को मौसम में बदलाव के बाद अधिकतम और न्यूनतम तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग की मानें तो कुछ दिनों तक प्रदेश पर कोहरे के पहरा छाया रहेगा।

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