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उपस्वास्थ्य केंद्रों तक उपलब्ध होगी सर्वाइकल कैंसर की प्रारंभिक जांच: राजेंद्र शुक्ल

16 दिस, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
Deputy cm rajendra Shukla

Deputy cm rajendra Shukla

Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश में महिलाओं का स्वास्थ्य संरक्षण और आपातकालीन सेवाओं को सशक्त बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी कड़ी में उपस्वास्थ्य केंद्रों तक सर्वाइकल कैंसर की प्रारंभिक जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। 

उपमुख्यमंत्री का कहना है कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को आपातकालीन देखभाल और वीआईए आधारित स्क्रीनिंग का प्रशिक्षण देकर हम स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सक्षम, संवेदनशील और जन-सुलभ बना रहे हैं। यह पहल शीघ्र पहचान, समय पर उपचार और सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

 

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और वीआईए आधारित गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर स्क्रीनिंग का तीन दिवसीय संयुक्त प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया है। प्रशिक्षण का पहला बैच शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, सिवनी में आयोजित किया गया। इसमें विशेषज्ञ चिकित्सक ने 35 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया। 

 

इन तकनीकों का कराया गया अभ्यास 

आपातकालीन देखभाल प्रशिक्षण के अंतर्गत प्रतिभागियों को सीपीआर, एबीसीडीई असेसमेंट, श्वसन और रक्तसंचार आपातस्थिति, ट्रॉमा प्रबंधन, रक्तस्राव नियंत्रण, मातृ और नवजात आपातकालीन देखभाल जैसी महत्वपूर्ण तकनीकों का अभ्यास कराया गया। वीआईए आधारित सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग प्रशिक्षण में गर्भाशय ग्रीवा की संरचना, वीआईए प्रक्रिया के चरण, एसिटिक एसिड का उपयोग, वीआईए पॉजिटिव/नेगेटिव परिणामों की पहचान, परामर्श, संक्रमण नियंत्रण, दस्तावेजीकरण एवं रेफरल प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रतिभागियों ने वीआईए प्रक्रिया का व्यावहारिक अभ्यास कर आवश्यक तकनीकी दक्षता अर्जित की। आगामी चरणों में इसी प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम मंदसौर, सतना एवं विदिशा के चिकित्सा महाविद्यालयों में आयोजित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को आपातकालीन प्रबंधन और वीआईए स्क्रीनिंग में दक्ष बनाया जा सके।

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