
भोपाल। आखिरकार नवंबर की शुरुआत से मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड से राहत मिल गई। सोमवार को हवाओं का रुख बदलने से न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली। राजधानी भोपाल में भी एक पखवाड़े से ज्यादा समय से चल रही शीतलहर से निजात मिली और न्यूनतम तापमान साढ़े सात डिग्री बढ़कर 14 डिग्री पर जा पहुंचा। भोपाल में लगातार 17 दिनों से न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे बना हुआ था। ठंड के चलते स्कूलों के समय में बदलाव किया गया था। वहीं रीवा और रायसेन में 1-1 व्यक्तियों की मौत की बात भी सामने आई थी।सोमवार को भोपाल के अलावा प्रदेश के अन्य बड़े शहरों में इंदौर का न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री,उज्जैन का न्यूनतम तापमान15 डिग्री, जबलपुर का न्यूनतम तापमान14.5 डिग्री और ग्वालियर का न्यूनतम तापमान10.6 डिग्री दर्ज किया गया।
सर्दी का असर कम हुआ तो धुंध ने बढ़ाई परेशानी
मध्यप्रदेश में इस सप्ताह कड़ाके की ठंड से राहत रहने की संभावना है। सोमवार को प्रदेश में रात के पारे में बढ़ोतरी दर्ज हुई वहीं दिन के पारे में गिरावट देखने को मिली।भोपाल में दिन भर हल्के बादलों का डेरा रहा और दिन का तापमान 26.4 डिग्री पहुंच गया। इसके साथ ही धुंध के बढ़ने से सुबह के समय विजिबिलिटी 1 से 2 किमी तक सिमटकर रह गई है वहीं दिन में यह 4 से 5 किमी तक देखी गई।प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी के साथ ही रीवा,सतना, नर्मदापुरम शाजापुर सहित कई जिलों में सुबह के समय घना कोहरा छा रहा है। प्रदेश में इस सप्ताह दिन और रात की तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है जिसे ठंड की तीव्रता में कमी आएगी हालांकि सुबह और रात के समय तेज ठंड महसूस होगी। वहीं दिसंबर के महीने में प्रदेश में एक बार फिर तापमान में भारी गिरावट देखने को मिलेगी और कड़ाके की ठंड का दौर लौटेगा।
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