मंगलवार, 29 सितंबर 2026
Logo
Madhaya Pradesh

बिजली बिल पर बढ़ा FPPAS सरचार्ज, 24 सितंबर से 5.063% नई दर लागू, जानिए 100 से 500 यूनिट पर कितना असर पड़ेगा

29 सित, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
बिजली बिल पर बढ़ा FPPAS सरचार्ज, 24 सितंबर से 5.063% नई दर लागू, जानिए 100 से 500 यूनिट पर कितना असर पड़ेगा
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। 24 सितंबर से 23 अक्टूबर के बीच जारी होने वाले बिजली बिलों में ईंधन एवं बिजली खरीदी समायोजन सरचार्ज यानी FPPAS की नई दर लागू होगी। इसे 4.59% से बढ़ाकर 5.063% किया गया है।


इस बदलाव का असर सभी बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ेगा, लेकिन अतिरिक्त भुगतान उनकी खपत और ऊर्जा शुल्क के स्लैब के हिसाब से अलग-अलग होगा। 100 यूनिट मासिक खपत वाले भोपाल के करीब 2 लाख उपभोक्ताओं पर कुल मिलाकर लगभग 8 लाख रुपये का अतिरिक्त भार आने का अनुमान है।


5.063% सरचार्ज आखिर किस रकम पर लगेगा?

FPPAS की गणना पूरे बिजली बिल पर नहीं होती। यह केवल ऊर्जा शुल्क पर लगाया जाता है। इसलिए फिक्स्ड चार्ज, मीटर शुल्क, सब्सिडी और बिल की अन्य मदों को जोड़कर बनी कुल राशि पर सीधे 5.063% नहीं लगाया जाएगा।


उदाहरण से समझें तो 300 यूनिट की खपत पर ऊर्जा शुल्क 1,576.50 रुपये होने की स्थिति में FPPAS करीब 79.82 रुपये बनेगा। इसी तरह 500 यूनिट पर 3,024.50 रुपये ऊर्जा शुल्क होने पर सरचार्ज लगभग 153.23 रुपये होगा।


नई दर से कितनी अतिरिक्त रकम बनेगी?

रिटायर्ड एडिशनल चीफ इंजीनियर और बिजली मामलों के जानकार राजेंद्र अग्रवाल के अनुसार, पहले लागू 4.59% की तुलना में नई दर से अलग-अलग खपत स्तर पर अतिरिक्त राशि इस तरह बदलती है:

- 100 यूनिट: करीब ₹2.46 अतिरिक्त

- 200 यूनिट: करीब ₹4.12 अतिरिक्त

- 300 यूनिट: करीब ₹7.46 अतिरिक्त

- 500 यूनिट: करीब ₹14.31 अतिरिक्त


इसलिए किसी बिल में 120 रुपये की अतिरिक्त राशि दिखाई देने पर उसे केवल FPPAS दर में हुई बढ़ोतरी का नतीजा मानना सही नहीं होगा। कुल बिल में कई दूसरे शुल्क भी शामिल होते हैं।


अलग स्लैब में अलग होगा असर

उपभोक्ताओं का ऊर्जा शुल्क उनकी बिजली खपत के अनुसार निर्धारित स्लैब से तय होता है। मौजूदा दरों में पहले 50 यूनिट पर ₹4.71, 51 से 150 यूनिट पर ₹5.67, 151 से 300 यूनिट पर ₹7.05 और 300 यूनिट से अधिक पर ₹7.24 प्रति यूनिट ऊर्जा शुल्क है।


इसी वजह से FPPAS का प्रति यूनिट प्रभाव भी समान नहीं रहता। ऊर्जा शुल्क पर इसका असर लगभग 24 से 37 पैसे प्रति यूनिट के बीच बैठता है।


भोपाल के 2 लाख उपभोक्ताओं पर असर

100 यूनिट मासिक बिजली इस्तेमाल करने वाले भोपाल के करीब 2 लाख उपभोक्ताओं के मामले में अतिरिक्त भुगतान लगभग 8 लाख रुपये तक बताया गया है। हालांकि किसी एक उपभोक्ता के बिल में वास्तविक बढ़ोतरी उसकी खपत और लागू ऊर्जा शुल्क के आधार पर तय होगी।


हर महीने बदल सकती है सरचार्ज की दर

FPPAS बिजली उत्पादन और बिजली खरीद की लागत में होने वाले उतार-चढ़ाव से जुड़ा है। कोयला, ईंधन और बाजार से खरीदी जाने वाली बिजली की कीमत बदलने पर लागत का समायोजन करने के लिए यह सरचार्ज लगाया जाता है।


इसका मतलब यह बिजली की मूल दर में स्थायी बढ़ोतरी नहीं है। लागत बढ़ने पर सरचार्ज ऊपर जा सकता है और लागत कम होने पर इसकी दर घट भी सकती है।


बिल में अलग दिखाई जाएगी राशि

राजेंद्र अग्रवाल के मुताबिक, 5.063% FPPAS को ऊर्जा शुल्क के आधार पर ही जोड़ा जाएगा। बिल में ऊर्जा शुल्क और सरचार्ज की रकम अलग-अलग दर्ज होगी, जिससे उपभोक्ता यह देख सकेंगे कि अतिरिक्त राशि कितनी बनी है।


बाद में इस लागत का ट्रू-अप भी किया जा सकता है। इसलिए मौजूदा FPPAS को बिजली की मूल दर में स्थायी वृद्धि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें