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Madhaya Pradesh

एमपी में अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के अध्ययन केंद्र स्थापित करने पर जोर, सीएम ने कहा- विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदेश में ही कराई जाए उपलब्ध

11 दिस, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
Cm dr mohan yadav

Cm dr mohan yadav

Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'सुशासन भवन' में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में कहा कि विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शिक्षा मध्यप्रदेश में ही उपलब्ध कराई जाए, जिससे उच्च शिक्षा के इच्छुक विद्यार्थियों को विदेश जाकर अध्ययन करने की आवश्यकता कम पड़े। स्थानीय स्तर पर ही अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा गुणवत्ता का अकादमिक वातावरण मिल सके।

राज्य सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के अध्ययन केंद्रों की स्थापना के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में आदेश जल्द ही जारी किए जाएंगे। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि संयुक्त राज्य अमेरिका के दो विश्व विख्यात विश्वविद्यालयों अरीज़ोना स्टेट यूनिवर्सिटी (ASU) और पुर्डुए यूनिवर्सिटी के साथ ताईवान की प्रतिष्ठित एशिया यूनिवर्सिटी से मध्यप्रदेश में अपने अध्ययन केन्द्र स्थापित करने के लिए सक्रियता से संवाद चल रहा है। 

 

इन वर्ल्ड क्लास संस्थानों को उच्च स्तरीय शिक्षा, शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक पहचान प्राप्त है। शासन स्तर पर इन विश्वविद्यालयों के शीर्ष प्रबंधन से लगातार बातचीत हो रही है, जिससे संभावनाओं को बेहतर तरीके से मूर्त रूप देने में और तेजी लाई जा सके। बैठक में अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव दीक्षित, प्रमुख सचिव एवं संस्थान के चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर गुलशन बामरा एवं डायरेक्टर ऋषि गर्ग सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

 

प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के अध्ययन केंद्र खुलने से होंगे कई फायदे 

प्रदेश सरकार की मंशा है कि प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के अध्ययन केंद्र खुलने से प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और बेहतर होगी। इंजीनियरिंग, एआई, डेटा साइंस, हेल्थ केयर साईंस, मैनेजमेंट और नये-नये उभरते तकनीकी क्षेत्रों में विद्यार्थियों को अंतर्राष्ट्रीय पाठ्यक्रम उपलब्ध होंगे। साथ ही स्थानीय उद्योगों, स्टार्टअप्स और इनोवेशन इकोसिस्टम को भी उच्च स्तरीय विशेषज्ञता और संयुक्त शोध कार्यक्रमों का भी लाभ मिलेगा।

 

प्रो. संतोष विश्वकर्मा को अध्यक्ष नामांकित किया जा रहा

सरकार ओर से गठित की जा रही टास्क फोर्स में प्रो. संतोष विश्वकर्मा को अध्यक्ष नामांकित किया जा रहा है। यह टास्क फोर्स अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के अध्ययन केंद्रों की स्थापना से जुड़े सभी तकनीकी, शैक्षणिक और कानूनी पहलुओं का अध्ययन करेगी। साथ ही इन विश्वविद्यालयों के साथ होने वाले करार (समझौते) की प्रक्रिया को गति देगी। अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों से वार्ताएं सफल रहने पर भविष्य में मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा के क्षेत्र में देश का सबसे आकर्षक और आइडियल डेस्टिनेशन बनेगा, जहां वैश्विक विश्वविद्यालयों का व्यापक शैक्षिक-तंत्र प्रदेश की प्रतिभाओं को नव विकसित परिदृश्य में नए अवसर और नई दिशाएं देगा।




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