
भोपाल। मध्य प्रदेश के बालाघाट में गुरुवार को नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता मिली, जब मोस्ट वांटेड नक्सली छोटा दीपक और रोहित ने आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव भी मौजूद रहे। इस मौके पर उन्होंने राज्य में नक्सलवाद के “अंत” की घोषणा करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश अब लाल आतंक से पूरी तरह मुक्त हो चुका है। CM ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, एमपी पुलिस, हॉकफोर्स और केंद्रीय सशस्त्र बलों का आभार व्यक्त किया।
‘42 दिनों में 42 नक्सलियों ने किया सरेंडर’ – सीएम मोहन यादव
मुख्यमंत्री ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहा अभियान लगातार बड़ी सफलताएँ दे रहा है। उन्होंने कहा, “एमपी में लाल आतंक का अंत हो गया है। बालाघाट में आखिरी रजिस्टर्ड नक्सल दीपक ने सरेंडर कर दिया है। पिछले 42 दिनों में 42 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। यह हमारे सुरक्षाबलों की बड़ी जीत है।” उन्होंने कहा कि जवानों की कुर्बानियों और लगातार कार्रवाई ने नक्सलवाद की कमर तोड़ दी है।
‘लाल सलाम को एमपी में पूर्ण विराम’
सीएम मोहन यादव ने नक्सलियों को लेकर सख्त रुख दिखाते हुए कहा, “लाल सलाम का एमपी में पूर्ण विराम लगा है। नक्सलियों को या तो मार देंगे या सरेंडर करवा देंगे।” उन्होंने आगे कहा, “मैं राजनीति नहीं करना चाहता, लेकिन जब नक्सली हिड़मा को जवानों ने मार गिराया था, तब कांग्रेस के कई नेताओं ने सहानुभूति जताई। कांग्रेस को ऐसी विचारधारा पर शर्म आनी चाहिए।”
दोनों नक्सलियों पर 43 लाख का इनाम
बालाघाट के अंतिम रजिस्टर्ड नक्सली छोटा दीपक ने अपने सहयोगी रोहित के साथ हथियार डाल दिए।
दीपक पर 29 लाख
रोहित पर 14 लाख
कुल 43 लाख रुपये के इनाम की घोषणा राज्य सरकार ने की थी।
दीपक ने कोरका कैंप पहुँचकर अपनी स्टेन गन समेत हथियार समर्पित कर दिए।
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