
भोपाल। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सोमवार को समाधान योजना की प्रगति की ऑनलाइन समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि समाधान योजना में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार उपलब्धि नहीं प्राप्त होने और कार्य में लापरवाही पर अधिकारियों का ट्रांसफर नहीं, डिमोशन किया जाएगा।
ऊर्जा मंत्री ने सर्किलवार योजना की प्रगति की समीक्षा की। यह निर्देश दिया कि रबी सीजन में किसानों को हर हाल में 10 घंटे की विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि समाधान योजना में जो सर्किल सबसे अच्छी उपलब्धि अर्जित करेगा, उसके अधीक्षण यंत्री को 50 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा। कंपनी क्षेत्रार्न्तगत प्रथम सर्किल को 25 हजार रुपए और सर्वश्रेष्ठ सहायक यंत्री को 11 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। संबंधित के गोपनीय चरित्रावली में भी इसकी इंट्री की जाएगी।
इस दौरान एमडी पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अनय द्विवेदी, एमडी पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अनूप सिंह सहित सभी अधिकारी बैठक में ऑनलाइन शामिल हुए।
बड़े बकायादारों से सख्ती से करें वसूली
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं के 2 लाख रुपए से अधिक के बिजली बिल बकाया हैं, उनसे मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता खुद बात करें। इसका डिटेल मंत्री कार्यालय को भी दें। उन्होंने कहा कि सबसे पहले बड़े बकायादारों से सख्ती से वसूली करें। कंपनी की आर्थिक स्थिति ठीक करने के लिए यह कार्य जरूरी है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार फील्ड का भ्रमण करें।
समाधान योजना में जमा हुए 578 करोड़ रुपए
समाधान योजना में अभी तक 578 करोड़ 22 लाख रुपए जमा हुए हैं। बिजली उपभोक्ताओं के 264 करोड़ 17 लाख रुपए के सरचार्ज माफ किए गए हैं। सर्वाधिक 382 करोड़ 72 लाख रुपए मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के क्षेत्र में जमा हुए हैं। योजना का प्रथम चरण 31 जानकारी तक चलेगा। सचिव ऊर्जा विशेष गढ़पाले ने कहा कि लंबित बिजली बिल जमा नहीं करने वालों के बिजली कनेक्शन काटे जाएं। लक्ष्य के अनुसार वसूली जरूरी है।
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