
भोपाल। इंजीनियरिंग कॉलेजों में कैंपस प्लेसमेंट का बदलता ट्रेंड विद्यार्थियों के सामने नई चुनौती पेश कर रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित नौकरियों में बेहतर पैकेज मिल रहे हैं, लेकिन कंपनियां पहले की तुलना में कम उम्मीदवारों का चयन कर रही हैं।
ट्रिपल आईटी में 2026 के दौरान औसत पैकेज बढ़कर 18.29 लाख रुपये पहुंच गया, जबकि प्लेसमेंट प्रतिशत पिछले वर्ष के मुकाबले कम रहा। मैनिट में भी अधिकतम पैकेज के आंकड़ों में गिरावट दर्ज की गई है।
ट्रिपल आईटी में दो साल में 48% बढ़ा औसत पैकेज
ट्रिपल आईटी के प्लेसमेंट आंकड़ों में औसत वेतन लगातार बढ़ने की तस्वीर सामने आई है। वर्ष 2024 में विद्यार्थियों का औसत पैकेज 12.32 लाख रुपये था, जो 2025 में 16.09 लाख रुपये और 2026 में 18.29 लाख रुपये हो गया।
दो साल के भीतर औसत पैकेज में करीब 48% की बढ़ोतरी हुई। हालांकि, अधिकतम पैकेज और प्लेसमेंट प्रतिशत का रुझान औसत वेतन से अलग रहा।
2026 में प्लेसमेंट प्रतिशत 94% पर आया
ट्रिपल आईटी में विद्यार्थियों को नौकरी मिलने की दर 2025 के मुकाबले 2026 में कम हुई। तीन वर्षों के आंकड़े इस प्रकार हैं:
- 2024: 85.18% विद्यार्थियों को प्लेसमेंट मिला।
- 2025: प्लेसमेंट प्रतिशत बढ़कर 96.59% पहुंचा।
- 2026: यह आंकड़ा घटकर 94% रह गया।
अधिकतम पैकेज में भी बदलाव दर्ज हुआ। 2024 में सबसे बड़ा पैकेज 46 लाख रुपये था, जो 2025 में 85 लाख रुपये तक पहुंचा। 2026 में अधिकतम पैकेज 62 लाख रुपये रहा।
AI स्किल वाले उम्मीदवारों की मांग बढ़ी
ट्रिपल आईटी के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर डॉ. अजय श्रीवास्तव के मुताबिक, कंपनियों की भर्ती रणनीति में AI के कारण बदलाव आया है। पहले एक कैंपस से 100 विद्यार्थियों का चयन करने वाली कंपनियां अब कई मामलों में करीब 50 उम्मीदवारों को ही मौका दे रही हैं।
उन्होंने बताया कि AI आधारित प्रोफाइल में पैकेज दो से तीन गुना तक बढ़े हैं। कंपनियों की बदलती जरूरतों के चलते संस्थानों को प्लेसमेंट के लिए अधिक कंपनियों से संपर्क करना पड़ रहा है।
मैनिट में अधिकतम पैकेज 85 लाख से घटकर 64 लाख रुपये
मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) में भी पिछले तीन वर्षों के अधिकतम पैकेज के आंकड़ों में उतार-चढ़ाव देखा गया है। वर्ष 2024 में सबसे बड़ा पैकेज 85 लाख रुपये था, जबकि 2025 के प्रकाशित आंकड़ों में यह 82 लाख रुपये दर्ज किया गया।
वर्ष 2026 में अधिकतम पैकेज घटकर 64 लाख रुपये रह गया। मैनिट की प्लेसमेंट अधिकारी अरुणा सक्सेना के अनुसार, AI का इस्तेमाल बढ़ने के साथ कंपनियां पहले की तुलना में कम विद्यार्थियों को नौकरी दे रही हैं।
डिग्री के साथ कोडिंग और रोबोटिक्स की तैयारी जरूरी
बदलते प्लेसमेंट ट्रेंड में केवल इंजीनियरिंग की डिग्री और अच्छे अंक ही पर्याप्त नहीं माने जा रहे हैं। AI आधारित काम में दक्षता विद्यार्थियों के लिए बेहतर पैकेज पाने का अवसर बन रही है।
रोबोटिक्स, कोडिंग और AI जैसे क्षेत्रों में कौशल विकसित करने पर जोर बढ़ रहा है। कॉलेज भी विद्यार्थियों के लिए ज्यादा कंपनियों को कैंपस प्लेसमेंट में आमंत्रित कर रहे हैं, ताकि भर्ती के बदलते माहौल में अधिक अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।
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